स्वास्थ्य मंत्रालय का सख्त एक्शन: फर्जी आंकड़े देने वाली फार्मा कंपनियों पर बैन
फर्जी आंकड़े देने वाली फार्मा कंपनियों की खैर नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने लागू किए सख्त नियम”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत में दवाओं की गुणवत्ता और विनियामक प्रणाली (Regulatory System) की पारदर्शिता को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘औषधि नियम, 1945’ (Drugs Rules, 1945) में अहम संशोधन किए हैं।
अब यदि कोई भी फार्मा कंपनी या संस्था दवा के लाइसेंस या अप्रूवल के लिए फर्जी (Fake) या मनगढ़ंत आंकड़े प्रस्तुत करती है, तो उस पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह संशोधन 16 अक्टूबर 2025 की जीएसआर संख्या 756 (ई) के माध्यम से अधिसूचित कर दिया गया है।
क्या है नया संशोधन और इसके प्रभाव?
सरकार का मानना है कि दवाओं की स्वीकृति पूरी तरह से वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए।
फर्जी डेटा न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह जन-स्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर खतरा पैदा करता है। नए नियमों के तहत लाइसेंसिंग प्राधिकरण को विशेष अधिकार दिए गए हैं।
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नियम |
प्रवर्तन प्रावधान (Enforcement Provision) |
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पहले के नियम |
फर्जी आंकड़ा मिलने पर केवल वर्तमान आवेदन को अस्वीकार किया जाता था या मौजूदा लाइसेंस रद्द कर दिया जाता था। |
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नए संशोधित नियम |
अब दोषी पाए जाने वाले आवेदक को एक ‘निर्धारित अवधि’ के लिए विनियामक प्राधिकरण के समक्ष कोई भी नया आवेदन प्रस्तुत करने से वंचित (Ban) कर दिया जाएगा। |
नोटिस और अपील का भी है प्रावधान
यह नियम ‘औषधि नियम, 1945’ के तहत दायर होने वाले सभी प्रकार के आवेदनों पर लागू होगा। हालांकि, न्यायसंगत प्रक्रिया का पालन करते हुए किसी भी आवेदक को प्रतिबंधित करने या दंडात्मक कार्रवाई से पहले एक ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show-Cause Notice) जारी किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, आवेदक के पास अपील करने का भी कानूनी अधिकार सुरक्षित रहेगा।
भारत को ‘ग्लोबल स्टैंडर्ड’ पर लाने की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्रालय की यह अधिसूचना सरकार के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य भारत के औषधि ढांचे को ‘वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं’ (Global Best Practices) के अनुरूप ढालना है।
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इससे उन दवा निर्माताओं और वितरकों को प्रोत्साहन मिलेगा जो ईमानदारी से नियमों का पालन करते हैं।
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यह कदम उन संस्थाओं के लिए एक सख्त चेतावनी है जो अनैतिक और भ्रामक गतिविधियों में संलिप्त होकर लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं।
इस पूरी अधिसूचना (GSR) का विस्तृत पाठ भारत सरकार के आधिकारिक ई-राजपत्र (e-Gazette) के पोर्टल पर आम जनता के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।











