सोनभद्र पीएम किसान घोटाला

सोनभद्र : 50 हजार से ज्यादा अपात्र ले रहे थे PM किसान योजना का लाभ

सोनभद्र में ‘PM किसान योजना’ का महाघोटाला : 50 हजार से ज्यादा अपात्रों ने डकारी सम्मान निधि, 14 हजार ‘मुर्दों’ के खाते में भी जा रहे थे पैसे

सोनभद्र:  द पॉलिटिक्स अगेन : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) में एक बहुत बड़ा और हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है।

कृषि विभाग द्वारा कराए गए हालिया महा-सत्यापन अभियान में जिले के 50,740 लाभार्थी अपात्र (Fake) पाए गए हैं।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 14,020 लोग ऐसे हैं जिनकी मौत हो चुकी है, फिर भी उनके खातों में लगातार सम्मान निधि का पैसा पहुंच रहा था।

बिना जमीन वाले, नाबालिग और आयकरदाता भी ले रहे थे मजे

सोनभद्र जिले में कुल 2 लाख 15 हजार 5 किसान इस योजना में पंजीकृत हैं। कृषि विभाग की विभागीय जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे सिस्टम की बड़ी लापरवाही की पोल खोलते हैं:

  • भूमिहीन लाभार्थी: 33,800 ऐसे लोग हर महीने 2-2 हजार रुपये की किस्त ले रहे थे, जिनके नाम पर 1 इंच कृषि भूमि नहीं है या वे अपनी जमीन बेच चुके हैं।
  • दोहरा लाभ: 1,658 लोगों ने फर्जी तरीके से दोहरा पंजीकरण करा रखा था, जबकि 569 मामलों में पति-पत्नी दोनों ने अलग-अलग आवेदन कर सरकारी पैसे का लाभ उठाया है।
  • टैक्सपेयर और बच्चे भी शामिल: नियमों को ताक पर रखकर 591 आयकरदाता (ITR भरने वाले) और 5 नाबालिग बच्चे भी किसान बनकर इस योजना का पैसा डकार रहे थे।

शासन को भेजी गई रिपोर्ट, रुकेगी सम्मान निधि

इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद कृषि विभाग ने जनवरी 2026 में 21,018 और मार्च 2026 के पहले सप्ताह में 29,722 अपात्रों की सूची केंद्र सरकार और शासन को भेज दी है।

इन सभी संदिग्ध खातों पर तत्काल रोक लगाने और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी गई है।

35 हजार असली किसानों पर भी मंडराया संकट

एक तरफ जहां अपात्र मजे ले रहे थे, वहीं शासन की तरफ से ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) अनिवार्य किए जाने के बावजूद जिले के करीब 35 हजार असली किसानों ने अब तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन किसानों ने जल्द अपनी ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई, तो इनकी आने वाली किस्तें भी अटक सकती हैं।

अधिकारी का बयान

“सत्यापन अभियान में 50,740 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इनमें मृतक, भूमिहीन, आयकरदाता और नाबालिग शामिल हैं। इनकी किस्तें रोकने के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। सभी पात्र किसानों से अपील है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा लें।” – बीरेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक, सोनभद्र

एक नजर में घोटाले के आंकड़े:

  • कुल चिह्नित अपात्र किसान: 50,740
  • भूमिहीन लाभार्थी: 33,800
  • मृत हो चुके लाभार्थी: 14,020
  • दोहरा पंजीकरण वाले: 1,658
  • आयकरदाता (ITR भरने वाले): 591
  • पति-पत्नी दोनों के लाभ लेने के मामले: 569
  • नाबालिग लाभार्थी: 5
  • अन्य: 97

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