नीट पेपर लीक के खिलाफ 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न करने का आश्वासन मांगा है।
सोनम वांगचुक ने जेपी नड्डा को लिखा पत्र: अनशन तोड़ने के लिए रखीं शर्तें, कहा- ‘छात्रों पर न हो कोई दंडात्मक कार्रवाई’
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अब केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को संबोधित इस पत्र में वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए कुछ स्पष्ट शर्तें और आश्वासन मांगे हैं।
इसी बीच, प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अगुवाई कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने भी वांगचुक से अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपना पत्र साझा करते हुए लिखा कि कल रात अस्पताल में उनसे मिलकर अनशन खत्म करने की ईमानदार अपील के लिए वह जेपी नड्डा के आभारी हैं।
छात्रों पर न हो कार्रवाई: आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई या मुक़दमा दर्ज न किया जाए। साथ ही, आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का अत्यधिक प्रयोग न हो।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा: परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद हताश होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को सरकार उचित मुआवजा दे।
संसद में सार्थक चर्चा: शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संसद में एक सार्थक चर्चा हो, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करना भी शामिल हो।
वांगचुक ने स्पष्ट किया, “युवाओं का एकमात्र अपराध एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली के लिए आवाज़ उठाना रहा है।
यदि मुझे यह आश्वासन मिलता है, तो मैं विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर दूंगा और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों से भी आंदोलन रोककर सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की अपील करूंगा।”
उन्होंने चेतावनी दी कि आश्वासन न मिलने पर वह अनिश्चित काल तक अनशन जारी रखने के लिए मजबूर होंगे।
दूसरी ओर, बुधवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने एक सार्वजनिक पत्र जारी कर सोनम वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया है।
CJP ने पत्र में लिखा, “पूरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया अपना अनशन समाप्त करें। आपके त्याग ने देशभर के हजारों छात्रों को प्रेरित किया है।”
पार्टी ने 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च का उल्लेख करते हुए वांगचुक को आश्वासन दिया है कि परीक्षा न्याय और धांधली के खिलाफ यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
ऐसे में अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार और जेपी नड्डा पर टिकी हैं कि क्या वे वांगचुक की इन मांगों पर लिखित आश्वासन देंगे।
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