छोटे उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के SME ग्रोथ फंड को मंजूरी
कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये के ‘SME ग्रोथ फंड’ को मंजूरी, ‘ग्लोबल चैंपियन’ बनेंगे छोटे उद्योग”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) को नई उड़ान देने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार (6 अक्टूबर 2026) को एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के ‘एसएमई ग्रोथ फंड’ (SME Growth Fund – SGF) की स्थापना को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।
यह पहल केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य MSME इकोसिस्टम को सीधे तौर पर इक्विटी (Equity), लिक्विडिटी (नकद उपलब्धता) और पेशेवर सहायता प्रदान करना है।
क्या है SME ग्रोथ फंड और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
हालांकि वर्तमान में छोटे उद्योगों के लिए कई फंड और ऋण (Loan) योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश ‘शुरुआती चरण’ (Early-stage) और ‘सूक्ष्म उद्यमों’ (Micro Enterprises) पर केंद्रित हैं।
सरकार ने महसूस किया कि जो उद्यम विकास के चरण में हैं और अपनी क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं, उनके लिए दीर्घकालिक जोखिम पूंजी (Long-term Risk Capital) या इक्विटी की भारी कमी है।
बैंक लोन हमेशा हर कारोबारी के लिए आसान विकल्प नहीं होता। ऐसे में, यह 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड (SGF) उन उच्च क्षमता वाले SMEs को ‘विकास इक्विटी पूंजी’ प्रदान करेगा, जो विस्तार करना, नई तकनीक अपनाना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना और अपने उद्योग में लीडर बनना चाहते हैं।
विनिर्माण और टीयर-2, टीयर-3 शहरों पर रहेगा खास फोकस
इस फंड को ‘अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड’ (Alternative Investment Fund – AIF) ढांचे के तहत संचालित किया जाएगा। सरकार के अनुसार:
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फोकस सेक्टर: इस फंड से प्राप्त अधिकांश राशि विनिर्माण (Manufacturing), सेवा, प्रौद्योगिकी और नवाचार-संचालित क्षेत्रों में काम कर रहे उद्यमों को आवंटित की जाएगी।
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क्षेत्रीय विकास: केवल बड़े महानगर ही नहीं, बल्कि टियर-II (Tier-II) और टियर-III (Tier-III) शहरों के औद्योगिक समूहों (Industrial Clusters) में काम कर रहे SMEs को भी इस फंड का लाभ मिलेगा, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास होगा और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी।
‘विकसित भारत 2047’ की ओर एक बड़ा कदम
केंद्रीय मंत्रिमंडल का मानना है कि दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराकर यह फंड भारतीय कंपनियों की एक ऐसी नई पीढ़ी का निर्माण करेगा, जो वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) में एकीकृत होकर दुनिया के अग्रणी उद्यमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके।
यह ऐतिहासिक पहल देश के उद्यमिता तंत्र को मजबूत करने, उत्पादकता में सुधार लाने, बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार पैदा करने और ‘विकसित भारत 2047’ (Viksit Bharat 2047) के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगी।
एसएमई ग्रोथ फंड (SME Growth Fund): 10,000 करोड़ की योजना एक नजर में
| विषय / पहलू | महत्वपूर्ण जानकारी |
| योजना का नाम | एसएमई विकास कोष / SME Growth Fund (SGF) |
| स्वीकृत बजट | 10,000 करोड़ रुपये |
| मंजूरी की तिथि | 6 अक्टूबर 2026 (केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा) |
| मुख्य उद्देश्य | लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) को विकासोन्मुखी ‘इक्विटी पूंजी’ (Equity Capital) प्रदान करना। |
| वित्तीय ढांचा | अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) के जरिए निवेश। |
| प्राथमिकता वाले क्षेत्र | विनिर्माण (Manufacturing), नवाचार, प्रौद्योगिकी और सेवाएं। |
| भौगोलिक दायरा | टियर-II (Tier-II) और टियर-III (Tier-III) शहरों के औद्योगिक क्लस्टर्स पर विशेष जोर। |
| लक्षित परिणाम | वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, रोजगार सृजन और ‘विकसित भारत 2047’ का निर्माण। |











