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SMC गाइडलाइंस 2026: बिना सरकारी मदद वाले स्कूलों को मिली बड़ी छूट

शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: बिना सरकारी सहायता वाले प्राइवेट स्कूलों पर लागू नहीं होंगे SMC 2026 के नए दिशानिर्देश”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) ने स्कूली शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए हाल ही में जारी किए गए ‘विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) दिशानिर्देश 2026’ को लेकर एक बड़ा और अहम स्पष्टीकरण जारी किया है।

मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जो स्कूल सरकार से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं लेते हैं, उन पर ये नए दिशानिर्देश अनिवार्य रूप से लागू नहीं होंगे।

क्या था पूरा मामला और क्यों उठीं चिंताएं?

दरअसल, शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा को और अधिक जवाबदेह और समावेशी बनाने के लिए 6 मई 2026 को नए SMC दिशानिर्देश जारी किए थे।

इन दिशानिर्देशों के जारी होने के बाद समाज के कुछ वर्गों और निजी स्कूल संचालकों की ओर से शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 21 के संदर्भ में कई आपत्तियां और चिंताएं व्यक्त की गईं।

मुख्य सवाल यह था कि क्या ये नियम उन प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होंगे जो पूरी तरह से अपने संसाधनों पर चलते हैं?

मंत्रालय ने दी राहत, प्राइवेट (Unaided) स्कूलों को छूट

इन चिंताओं पर विचार-विमर्श करने के बाद, शिक्षा मंत्रालय ने 20 मई 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक आधिकारिक पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट कर दी है:

  • मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 2(एन)(iv) में उल्लिखित विद्यालय (यानी बिना सरकारी सहायता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त स्कूल) इन दिशानिर्देशों के दायरे में नहीं आएंगे।

  • शर्त केवल इतनी है कि वे अपने संचालन या आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकरण से किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता या अनुदान न लेते हों।

पारदर्शिता के लिए SMC बनाने को किया जाएगा प्रोत्साहित

भले ही गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को इन अनिवार्य नियमों से छूट दे दी गई है, लेकिन मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि ऐसे स्कूलों को भी पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सहभागी शासन को बढ़ावा देने के लिए अपने स्तर पर ‘विद्यालय प्रबंधन समितियां’ (School Management Committees) गठित करने के लिए स्वेच्छा से प्रोत्साहित किया जाएगा।

SMC दिशानिर्देश 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इन दिशानिर्देशों का मूल उद्देश्य स्कूली शिक्षा में विकेंद्रीकृत और सहभागी प्रशासन को बढ़ावा देना है।

बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐसा प्रभावी शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहाँ सरकार, स्कूल प्रबंधन, अभिभावक और पूरा समुदाय मिलकर काम करे।

मंत्रालय का मानना है कि शिक्षा किसी एक की नहीं, बल्कि सरकार, विद्यालयों, अभिभावकों और पूरे समुदाय की ‘साझा जिम्मेदारी’ है और बेहतर परिणामों के लिए सभी हितधारकों के बीच बेहतरीन तालमेल होना बेहद जरूरी है।

Santosh SETH

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