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जौनपुर में गूंजा ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का नारा: आजाद शिक्षा केंद्र के बाल मेले में सैकड़ों बच्चों और युवाओं ने ली शपथ

“जिले के खेतासराय क्षेत्र स्थित फुरकानिया सेकंडरी स्कूल (शाही तालाब, मानेछा) का प्रांगण रविवार को बच्चों की किलकारियों और सामाजिक बदलाव के संकल्पों से गूंज उठा”

जौनपुर/खेतासराय | वरुण यादव की रिपोर्ट :The Politics Again ब्यूरो

‘आज़ाद शिक्षा केंद्र’ के तत्वावधान में 16वें ‘सामाजिक सौहार्द एक दिवसीय बाल मेले’ का भव्य आयोजन किया गया।

इस वर्ष के कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘बाल विवाह उन्मूलन’ (Eradication of Child Marriage) रहा, जिस पर उपस्थित जनसमूह ने गंभीरता से विचार किया।

400 युवा और 300 बच्चों की भागीदारी

मेले की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 20 गांवों में संचालित ‘साझी सोच कार्यक्रम’ के तहत गठित युवा समूहों के लगभग 400 युवाओं ने हिस्सा लिया।

इसके अलावा, क्षेत्र के 10 मदरसों और 10 प्राइमरी स्कूलों के करीब 300 बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस मौके पर सभी ने एक स्वर में जौनपुर को ‘बाल विवाह मुक्त’ बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

हस्तकला प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

मेले में बच्चों द्वारा लगाई गई हस्तकला प्रदर्शनी ने सबका मन मोह लिया। बच्चों ने जैविक फसलों, सब्जियों के मॉडल, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, ताजमहल और प्राचीन धरोहरों की सुंदर कलाकृतियां पेश कीं।

हाथ से चलने वाली चक्की, पंखा और डलिया जैसे पारंपरिक उपकरणों के मॉडल भी सराहे गए। प्रदर्शनी का उद्घाटन श्री रामकिशोर पटना ने किया, जबकि खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ आज़ाद शिक्षा केंद्र के ट्रस्टी मो० अख्तर ने फीता काटकर किया।

बाल विवाह: एक गंभीर समस्या

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जिला बाल कल्याण अधिकारी चंदन राय ने कहा,

“बाल विवाह समाज के लिए एक अभिशाप है। इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा ही हमारे भविष्य की नींव है।”

कार्यक्रम में दिल्ली, महाराष्ट्र, कश्मीर और बिहार समेत कई राज्यों के समाजसेवियों ने शिरकत की।

विजेताओं का सम्मान और सांस्कृतिक रंग

खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं की कुर्सी दौड़ में जूही और रस्सी कूद में सौरभ ने बाजी मारी। वहीं, प्राइमरी वर्ग में अरीबा और पेंटिंग में जोया खान प्रथम रहीं।

कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण प्राथमिक विद्यालय जपटापुर के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नाटक रहा, जिसमें मोबाइल के दुष्प्रभावों को रेखांकित किया गया।

अंत में संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर निसार अहमद खान ने सभी अतिथियों और सहयोगियों (मनोज कुमार, सुफियान अहमद, ज्योतिका श्रीवास्तव आदि) का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे जागरूकता अभियानों को जारी रखने का वादा किया।

Santosh SETH

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