Breaking News

संसद में आर-पार: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, राहुल गांधी को ‘चुप’ कराने पर इंडिया ब्लॉक का अल्टीमेटम

“संसद का मौजूदा सत्र अब तक के सबसे बड़े टकराव की ओर बढ़ रहा है”

नई दिल्ली | संतोष सेठ की रिपोर्ट : The Politics Again ब्यूरो

सूत्रों के अनुसार, विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने की तैयारी कर चुके हैं।

यह कदम कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाने के बाद उठाया जा रहा है।

विपक्ष का दावा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी को जानबूझकर बोलने नहीं दिया जा रहा है।

खर्गे के दफ्तर में बनी रणनीति

यह फैसला संसद भवन परिसर में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के कार्यालय में हुई इंडिया ब्लॉक के नेताओं की आपात बैठक में लिया गया।

इस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य एजेंडा स्पीकर द्वारा विपक्ष की आवाज को कथित तौर पर दबाने की कोशिशों का विरोध करना था।

“विपक्ष के नेता को बोलने की इजाजत नहीं”

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार और स्पीकर के रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,

“संसदीय नियमों के अनुसार, विपक्ष का नेता एक ‘छाया प्रधानमंत्री’ (Shadow PM) होता है। लेकिन यहां उन्हें सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सरकार कुछ भी कह सकती है, लेकिन विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं बची है।”

वेणुगोपाल ने यह भी आरोप लगाया कि स्पीकर स्वयं कांग्रेस की महिला सांसदों पर टिप्पणी कर रहे हैं, जो अभूतपूर्व है।

नरवणे की किताब और ‘चीन विवाद’

ताजा विवाद की जड़ पिछले सप्ताह की एक घटना में है, जब राहुल गांधी ने चीन के साथ 2020 के गतिरोध पर चर्चा के लिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के ‘अप्रकाशित संस्मरण’ का हवाला देने की कोशिश की थी।

स्पीकर ओम बिरला ने नियम का हवाला देते हुए कहा था कि सदन में अप्रकाशित सामग्री का उल्लेख नहीं किया जा सकता और राहुल गांधी को रोक दिया गया। विपक्ष का कहना है कि यह सरकार को बचाने और विपक्ष का माइक बंद करने की साजिश है।

सांसदों का निलंबन और यूएस ट्रेड डील

विपक्ष ने 8 सांसदों के निलंबन को रद्द करने की मांग भी की है। इसके अलावा, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर भी विपक्ष स्पीकर के सामने अपनी बात रखना चाहता था, जिसकी अनुमति नहीं मिली।

कांग्रेस नेता संजय झा ने कहा, “निलंबन के बाद विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए अब सीधे स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ही रास्ता है।”

Santosh SETH

Recent Posts

UP : भाजपा की ‘पदयात्रा’ से विपक्ष को चुनौती, जानें इसके राजनीतिक मायने

उत्तर प्रदेश में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा: 2027 के चुनाव की बिसात…

22 hours ago

पीएम मोदी के एक फोन कॉल ने बढ़ाई महाराष्ट्र की सियासी हलचल

पीएम मोदी के एक 'फोन कॉल' से महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल! क्या NDA का…

23 hours ago

दिल्ली: चावड़ी बाजार में ढही निर्माणाधीन 3 मंजिला इमारत, कोई हताहत नहीं

दिल्ली के चावड़ी बाजार में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन 3 मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, लेंटर…

23 hours ago

उत्तरकाशी: गंगोत्री हाईवे पर गहरी खाई में गिरा वाहन, 5 यात्रियों की मौत

उत्तरकाशी में बड़ा हादसा: गंगोत्री जा रहे यात्रियों का वाहन 200 मीटर गहरी खाई में…

1 day ago

तेलंगाना : मछुआरों को बचाते समय SDRF की 2 नावें पलटीं, 10 जवान लापता

खम्मम में रेस्क्यू के दौरान बड़ा हादसा: बेथुपल्ली झील में SDRF की 2 नावें पलटीं,…

1 day ago

श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: NIA से लेकर ATS तक कर रही जांच

श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: क्या किसी बड़े हमले का 'ट्रायल' था? ISI, ड्रोन और RDX…

1 day ago