SIR विवाद : ‘इंडिया ब्लॉक’ सांसद आज रात करेंगे राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात
सड़क से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा CEC का मुद्दा: ‘इंडिया ब्लॉक’ के सांसद आज रात 8 बजे करेंगे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात”
नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ पिछले कई दिनों से राजधानी की सड़कों पर आंदोलन कर रहे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Bloc) का संघर्ष अब राष्ट्रपति भवन पहुंच गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी गठबंधन के सांसदों को शुक्रवार (9 अक्टूबर) रात 8 बजे मुलाकात का समय दिया है।
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े बदलावों को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
राष्ट्रपति से मुलाकात: क्या है विपक्ष का एजेंडा?
सूत्रों के मुताबिक, इंडिया ब्लॉक के 10 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि गठबंधन की तरफ से पहले 15 नेताओं के लिए 2 अक्टूबर को समय मांगा गया था,
लेकिन राष्ट्रपति भवन से प्रतिनिधिमंडल को छोटा करने के निर्देश के बाद अब 10 प्रमुख नेता इस अहम बैठक में शामिल होंगे।
विपक्ष मुख्य रूप से दो बातों को लेकर अपनी चिंताएं राष्ट्रपति के समक्ष रखेगा:
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मतदाता सूची का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR): विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं, जो मतदान के लोकतांत्रिक अधिकार पर सीधा प्रहार है।
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CEC का इस्तीफा: विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सत्ता पक्ष के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।
सड़कों पर संग्राम और पुलिस से टकराव
इंडिया ब्लॉक का यह प्रदर्शन पिछले 4 दिनों से दिल्ली में लगातार जारी है:
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6 अक्टूबर: विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग (निर्वाचन सदन) की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया,
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जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। राहुल और प्रियंका के खिलाफ ‘आकाशवाणी भवन’ में जबरन घुसने को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर (FIR) भी दर्ज की गई है।
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7 अक्टूबर: जंतर-मंतर पर हल्लाबोल।
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8 अक्टूबर: विपक्षी नेताओं ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी के स्मारक पर धरना दिया।
खरगे की ‘लंच डिप्लोमेसी’ से बनी रणनीति
विपक्षी एकजुटता और रणनीति को धार देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘लंच डिप्लोमेसी’ का सहारा लिया। उन्होंने लगातार दो दिन विपक्षी सांसदों को लंच पर आमंत्रित किया:
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7 अक्टूबर: जनपथ स्थित ‘सागर रत्ना’ रेस्टोरेंट (जंतर-मंतर से महज 100 मीटर दूर) में लंच बैठक हुई। इस दिन समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद नहीं पहुंचे थे, जिस पर सवाल उठे, लेकिन कांग्रेस ने इसे ‘कम समय में सूचना मिलने’ का कारण बताया।
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8 अक्टूबर: कनॉट प्लेस के ‘मोएट्स रेस्टोरेंट’ (Moets Restaurant) में बैठक हुई, जहां सपा के नेता (राजीव राय) भी शामिल हुए और आगे की रणनीति तय की गई। इन्हीं बैठकों के बाद सांसद प्रदर्शन के लिए सड़क पर निकले थे।
क्या होगा आगे?
राष्ट्रपति से होने वाली आज रात की मुलाकात विपक्ष के इस आंदोलन की दशा और दिशा तय करेगी। यदि विपक्ष को राष्ट्रपति की ओर से कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलता है, तो आने वाले दिनों में यह सियासी संग्राम और अधिक उग्र हो सकता है।
‘इंडिया ब्लॉक’ का संग्राम: सड़क से राष्ट्रपति भवन तक
| तिथि / विषय | घटनाक्रम व महत्वपूर्ण जानकारी |
| मुलाकात का समय | 9 अक्टूबर 2026, रात 8:00 बजे (राष्ट्रपति भवन)। |
| प्रतिनिधिमंडल | ‘इंडिया ब्लॉक’ के 10 प्रमुख सांसद/नेता शामिल होंगे। |
| विपक्ष की मुख्य मांगें | 1. CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा 2. SIR प्रक्रिया पर रोक और मतदाता सूची में पारदर्शिता। |
| हालिया प्रदर्शन | 6 अक्टूबर को आकाशवाणी भवन पर धरना, 8 को राजघाट पर विरोध। |
| पुलिस कार्रवाई (FIR) | राहुल गांधी व प्रियंका गांधी पर आकाशवाणी भवन में जबरन घुसने का केस। |
| खरगे की रणनीति | 7 अक्टूबर (सागर रत्ना) और 8 अक्टूबर (मोएट्स रेस्टोरेंट) में सांसदों के साथ लंच बैठकें। |
| विवाद का केंद्र (SIR) | विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए लाखों वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। |











