केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके स्वयं सहायता समूह (SHG) उद्यमों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए 'शी-लीप्स' (SHE-LEAPS) मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है।
गांव की महिलाओं के लिए डिजिटल क्रांति: ‘शी-लीप्स’ (SHE-LEAPS) ऐप लॉन्च, अब 6 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने पर 10 लाख करोड़ खर्च करेगी सरकार”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत के ग्रामीण इलाकों में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उनके आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक नई और अभूतपूर्व शुरुआत की गई है।
सरकार ने महिला उद्यमियों के लिए ‘शी-लीप्स’ (SHE-LEAPS) नामक एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है।
इस ऐप का मुख्य उद्देश्य सरकार के महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi) मिशन को मॉनिटर करना और ग्रामीण महिलाओं को उनके उद्यमों के विकास में तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
शी-लीप्स का पूरा नाम ‘समृद्धि और स्थिरता के लिए स्वयं-सहायता उद्यमी-आजीविका और उद्यम एप्लीकेशन’ है।
लॉन्च: इस ऐप को 29 जून, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन’ (विषय: ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’) के दौरान लॉन्च किया गया।
डेवलपर: इसे ‘डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन’ द्वारा विकसित किया गया है और ‘एलओकेओएस’ (LOKOS) प्लेटफॉर्म के तहत लागू किया जा रहा है।
एलओकेओएस एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है जो देशभर में सामुदायिक संगठनों (CBOs) और SHGs की गतिविधियों, सदस्यों के रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन को डिजिटाइज़ करता है।
यह ऐप सीधे तौर पर सरकार की ‘लखपति दीदी’ योजना की सफलता का आधार बनेगा। सरकार ने हाल ही में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने वाले इस ‘लखपति दीदी मिशन’ का लक्ष्य 3 करोड़ महिलाओं से बढ़ाकर 6 करोड़ कर दिया है।
सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार अगले पांच वर्षों में लखपति दीदियों के लाभ और उनके उद्यम विस्तार के लिए 10 लाख करोड़ रुपये जारी करने की योजना बना रही है।
शी-लीप्स ऐप इसी भारी-भरकम फंड और महिलाओं की आय वृद्धि की वास्तविक समय (Real-time) में संपूर्ण निगरानी करेगा।
शी-लीप्स ऐप के 5 प्रमुख लक्ष्य: देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होने वाले इस ऐप के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
देशभर में ग्रामीण SHG महिला उद्यमियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों (कृषि और गैर-कृषि दोनों) का सृजन करना और उन्हें मजबूत बनाना।
गांव की महिला उत्पादकों को औपचारिक वैल्यू चेन (Value Chains) और बड़े बाजारों से जोड़ना।
स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़े परिवारों के वित्तीय समावेशन को बढ़ाना।
डेटा-आधारित ग्रामीण उद्यमिता (Data-driven Rural Entrepreneurship) को बढ़ावा देकर सटीक नीतियां बनाना।
शी-लीप्स डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन मिश्रण है। प्रोफाइल बनाने से लेकर उद्यम का प्रदर्शन ट्रैक करने तक, यह ऐप आजीविका के हर चरण में मदद करेगा।
यह ‘विकसित ग्राम- विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हमेशा के लिए बदलने की क्षमता रखता है।
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