शरद पूर्णिमा आज : 6 महायोगों का संयोग, जानें व्रत, पूजा और शुभ मुहूर्त
शरद पूर्णिमा आज 25 अक्तूबर को: 6 महायोगों का अद्भुत संयोग, चंद्रमा से बरसेगा अमृत; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि”
वाराणसी : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा, जिसे शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, इस वर्ष 25 अक्तूबर को मनाई जाएगी।
वर्षभर की सबसे दिव्य रातों में शुमार इस पूर्णिमा पर सर्वाद्धसिद्धि सहित छह महायोगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और आसमान से अमृत व आरोग्य की वर्षा होती है।
खीर का महत्व और निरोगी काया का वरदान
शरद पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की विशेष पूजा का विधान है। इस रात खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की प्राचीन परंपरा है।
मान्यता है कि मध्यरात्रि में चंद्रमा की किरणों से बरसने वाला अमृत खीर में समाहित हो जाता है और अगली सुबह इस खीर को प्रसाद स्वरूप ग्रहण करने से जटिल रोगों से मुक्ति मिलती है तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है।
व्रत और पूर्णिमा तिथि का सटीक समय
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष व ज्योतिषविद प्रो. नागेंद्र पांडेय के अनुसार, इस वर्ष पूर्णिमा तिथि का आरंभ और समापन इस प्रकार रहेगा:
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पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 25 अक्तूबर, सुबह 11:06 बजे
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पूर्णिमा तिथि समापन: 26 अक्तूबर, सुबह 9:58 बजे चूंकि चंद्रोदय 25 अक्तूबर की शाम को होगा, इसलिए शरद पूर्णिमा का मुख्य व्रत और कोजागरी लक्ष्मी पूजा 25 अक्तूबर को ही संपन्न की जाएगी।
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अगले दिन 26 अक्तूबर को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मिलने के कारण यह दिनभर स्नान-दान के लिए मान्य रहेगी।
पूजा विधि और 6 महायोगों का संयोग
आचार्य शंकर शास्त्री के अनुसार, इस शरद पूर्णिमा पर ययीजय, सर्वाद्धसिद्धि, रवि, हर्षण और प्रवर्धमान जैसे 6 शुभ योग बन रहे हैं।
चंद्रोदय (शाम 5:36 बजे) के पश्चात चंद्रदेव का पूजन सफेद पदार्थों से करने का विधान है। पूजा में चंद्रमा को दूध का अर्घ्य देकर सफेद फूल चढ़ाए जाते हैं और खीर का भोग लगाया जाता है।
📊 शरद पूर्णिमा पूजन एवं शुभ मुहूर्त
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महत्वपूर्ण जानकारी (Key Details) |
समय / विवरण (Time & Details) |
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🌕 पर्व का नाम |
शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा) |
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🗓️ व्रत एवं पूजा की तिथि |
25 अक्तूबर 2026 |
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⏱️ पूर्णिमा तिथि आरंभ |
25 अक्तूबर, सुबह 11:06 बजे से |
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⏳ पूर्णिमा तिथि समाप्त |
26 अक्तूबर, सुबह 09:58 बजे तक |
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🌙 चंद्रोदय का समय |
शाम 05:36 बजे (25 अक्तूबर) |
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✨ 6 शुभ महायोग |
सर्वाद्धसिद्धि, ययीजय, रवि, हर्षण, प्रवर्धमान आदि |
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🙏 अभिजित मुहूर्त (पूजा) |
सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक |
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🌅 गोधूलि मुहूर्त (पूजा) |
शाम 05:42 बजे से शाम 06:07 बजे तक |
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🥣 मुख्य अनुष्ठान |
चंद्रमा की रोशनी में खीर रखना और सफेद पदार्थों से पूजन |











