Saudi Arabia stops funding Pakistan

पाकिस्तान पर सऊदी अरब का कड़ा एक्शन, भारत की कूटनीति ने चौंकाया

“पाकिस्तान पर गिरा सऊदी अरब का ‘आर्थिक एटम बम’, ईरान से भी दुश्मनी; भारत ने कूटनीति से किया बड़ा ‘खेला’

नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मिडिल ईस्ट में भड़के युद्ध के बीच पाकिस्तान अब बुरी तरह से फंस गया है। ईरान द्वारा सऊदी अरब पर किए गए हमलों के दौरान पाकिस्तान की ‘चुप्पी’ उसे बहुत भारी पड़ रही है।

सऊदी अरब ने पाकिस्तान को गद्दारी की सजा देते हुए उस पर एक बड़ा ‘आर्थिक एटम बम’ गिरा दिया है।

वहीं दूसरी ओर, भारत ने अपनी सधी हुई कूटनीति से इस पूरे मामले में एक बड़ा रणनीतिक ‘खेला’ कर दिया है।

सऊदी अरब का पाकिस्तान को बड़ा झटका

सऊदी अरब इस बात से बेहद नाराज है कि जब ईरान उस पर हमले कर रहा था, तब पाकिस्तान चुपचाप तमाशा देखता रहा।

इसके जवाब में सऊदी अरब ने कड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि अब पाकिस्तान को बिना शर्त कोई ‘फाइनेंशियल बेलआउट पैकेज’ (आर्थिक मदद) नहीं दिया जाएगा।

  • कड़ी शर्तें लागू: भविष्य में कोई भी नया फंड जारी करने से पहले सऊदी अरब यह जांचेगा कि पाकिस्तान की हैसियत कर्ज चुकाने की है या नहीं। यह भी देखा जाएगा कि पैसा सही जगह इस्तेमाल हो रहा है या नहीं।

  • डिफेंस डील का उल्लंघन: बता दें कि पिछले सितंबर में पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ एक ‘डिफेंस डील’ की थी, जिसके तहत सऊदी पर हमला होने पर पाकिस्तान को बचाव में उतरना था।

  • लेकिन पिछले कुछ दिनों में ईरान के 4 हमलों के बावजूद पाकिस्तान ने कोई कदम नहीं उठाया।

  • अल्टीमेटम: रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब ने पाकिस्तान को यहां तक अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर उसने ईरान पर हमला नहीं किया तो उसे अंजाम भुगतने होंगे।

ईरान से भी दुश्मनी और संसद में फजीहत

पाकिस्तान की मुसीबत सिर्फ सऊदी अरब तक सीमित नहीं है। ईरान ने भी पाकिस्तान को गद्दारी करते रंगे हाथों पकड़ा है।

जब पाकिस्तान ने कथित तौर पर अमेरिका को अपनी एयर स्पेस (हवाई सीमा) का इस्तेमाल करने दिया। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पाकिस्तान से सही समय पर बदला लिया जाएगा।

पाकिस्तान की इस दोहरी नीति की पोल खुद उसकी संसद में खुल गई है। एक विपक्षी सांसद ने अपनी ही सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान ने ईरान और सऊदी अरब दोनों को फोन कर कहा कि “हम तुम्हारे साथ हैं।”

नतीजा यह हुआ कि दोनों देशों ने आपस में बात की और पाकिस्तान को “चुपचाप साइड में बैठने” को कह दिया।

भारत का कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक

जहां पाकिस्तान दोनों देशों को धोखा दे रहा है, वहीं भारत ने एक परिपक्व वैश्विक शक्ति की तरह दोनों पक्षों से कूटनीतिक संपर्क साधकर तनाव कम करने की कोशिश की है:

  • सऊदी अरब से बातचीत: हमलों के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से बात की और उन्हें भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

  • ईरान से संपर्क: भारत ने पहली बार आधिकारिक तौर पर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की है।

  • भारत के विदेश सचिव (Foreign Secretary) विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास पहुंचकर राजदूत से मुलाकात की और शोक पुस्तिका में संदेश लिखा।

भारत का यह कदम स्पष्ट करता है कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता का पक्षधर है, जबकि पाकिस्तान अपनी दोहरी नीतियों के कारण मिडिल ईस्ट में पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गया है।

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