West Bengal Election 2026

बंगाल चुनाव: UP के ‘सिंघम’ IPS अजय पाल शर्मा की तैनाती पर बवाल

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: UP के ‘सिंघम’ IPS अजय पाल शर्मा की बंगाल में एंट्री से मचा सियासी बवाल; TMC और सपा का तीखा हमला

कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल के हाई-वोल्टेज विधानसभा चुनाव में उस समय एक नया और नाटकीय मोड़ आ गया, जब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उत्तर प्रदेश के चर्चित और ‘सिंघम’ के नाम से मशहूर IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना जिले में चुनाव पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त कर दिया।

शर्मा की संवेदनशील इलाकों में तैनाती और उनका एक वायरल वीडियो—जिसमें वह सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों को कड़ी चेतावनी देते दिख रहे हैं—ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में आग लगा दी है।

आइए जानते हैं कि कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा और बंगाल चुनाव में उनकी तैनाती पर इतना सियासी बवाल क्यों मचा है:

वायरल वीडियो: ‘हद में रहें, वरना ठीक से निपटेंगे

‘ दक्षिण 24 परगना को TMC और विशेषकर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है (यहां मुस्लिम आबादी लगभग 36% है)।

  • रविवार को अजय पाल शर्मा फाल्टा पहुंचे, जहां उन्हें शिकायत मिली थी कि TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थक मतदाताओं को धमका रहे हैं।

  • वहां जहांगीर के न मिलने पर शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह उसके समर्थकों और परिजनों को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं:

  • “उसे बता दो, अगर उसके आदमी धमकाना जारी रखते हैं तो हम उससे ठीक से निपटेंगे… तब रोना या पछताना मत। जहांगीर से कहो कि वह नियमों के दायरे में रहे, वरना हम उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।”

TMC और सपा का तीखा पलटवार

इस वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक घमासान शुरू हो गया।

  • TMC की चेतावनी: तृणमूल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर कड़ा प्रहार करते हुए लिखा, “योगी के पसंदीदा, बंदूक चलाने के शौकीन ‘काउबॉय’ के लिए एक चेतावनी: अगर आप अपनी हद पार करते हैं, तो आपको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी – लोकतांत्रिक तरीके से। यह बंगाल है, उत्तर प्रदेश नहीं।”

  • अखिलेश यादव का बयान: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी शर्मा की तैनाती पर सवाल उठाते हुए उन्हें भ्रष्ट और ‘BJP का एजेंट’ करार दिया।

  • उन्होंने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा, “हम न तो उन्हें भागने देंगे और न ही छिपने देंगे। उन्हें ढूंढ़ निकाला जाएगा और कानून के तहत सजा दी जाएगी।”

कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा? (डेंटिस्ट से ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ तक का सफर)

अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के कड़क IPS अधिकारी हैं। वर्तमान में वह प्रयागराज में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर तैनात हैं।

  • शुरुआती जीवन: पंजाब के लुधियाना में जन्मे शर्मा एक IPS अधिकारी बनने से पहले पेशे से डेंटिस्ट (Dentist) थे। उनके छोटे भाई भी डॉक्टर थे। 2008 में दोनों ने UPSC की तैयारी की और दोनों का चयन हो गया (भाई IAS अधिकारी हैं और यूपी में ही तैनात हैं)।

  • ‘सिंघम’ की छवि: शर्मा अपनी बेबाक पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में तैनाती के दौरान कई बड़े ऑपरेशनों का नेतृत्व किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘अपराध-मुक्त यूपी’ विजन के तहत उन्होंने दर्जनों एनकाउंटर किए हैं।

  • चर्चित मामले: 2018 में रामपुर में 6 साल की बच्ची के बलात्कारी और हत्यारे को एनकाउंटर में पकड़ने के बाद वह सुर्खियों में आए थे।

  • नोएडा में पोस्टिंग के दौरान भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को पकड़ने के लिए उनका ऑटो-रिक्शा में सादे कपड़ों में गश्त करना भी काफी चर्चित रहा था।

  • 2021 के एक इंटरव्यू में उन्होंने कम से कम 9 अपराधियों के एनकाउंटर में मारे जाने और 190 के घायल होने का दावा किया था।

विवादों से भी रहा है गहरा नाता

जहां एक तरफ उनकी ‘दबंग’ छवि है, वहीं दूसरी तरफ उनका करियर विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों से भी घिरा रहा है:

  • फर्जी एनकाउंटर के आरोप: विपक्ष ने 2020 में शामली में अकबर और उससे पहले शब्बीर नाम के अपराधियों के एनकाउंटर को ‘फर्जी’ बताकर सवाल उठाए थे।

  • भ्रष्टाचार के मामले: TMC का दावा है कि 2020 में रामपुर SP पद से उन्हें ‘कैश-फॉर-पोस्टिंग’ रैकेट में शामिल होने के आरोप में हटाया गया था।

  • मेरठ में उन पर ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ के तहत भी मामला दर्ज हुआ था (हालांकि इन मामलों में ज्यादा प्रगति नहीं हुई)।

  • निजी जिंदगी का विवाद: एक महिला ने उन पर शादी का झांसा देने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी।

  • हाल ही में TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी उनका एक कथित डांस वीडियो शेयर कर उन पर निशाना साधा था।

इन तमाम विवादों के बावजूद, अजय पाल शर्मा सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं और उनके फेसबुक पेज पर लगभग 1.4 लाख फॉलोअर्स हैं।

अब उनकी इस ‘दबंग’ कार्यशैली और विवादित अतीत ने पश्चिम बंगाल के चुनाव को और भी ज्यादा रोमांचक और तनावपूर्ण बना दिया है।

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