रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव के लिए बैरिकेडिंग तोड़ी। भारी सुरक्षा और धारा 163 लागू।
रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन: बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा की ओर बढ़े छात्र, सुरक्षा के कड़े इंतजाम”
रांची (झारखंड): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
झारखंड की राजधानी रांची में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है।
अपनी मांगों को लेकर रविवार को हजारों की संख्या में छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च निकाला।
पुलिस प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद छात्रों का जत्था बैरिकेडिंग तोड़ते हुए विधानसभा की ओर आगे बढ़ गया।
छात्रों के उग्र विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची पुलिस ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए थे।
विधानसभा जाने वाले सभी रास्तों पर कंटीले तारों के साथ कई लेयर की मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी।
इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू कर दी गई है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने पहली, दूसरी और फिर तीसरी बैरिकेडिंग को भी तोड़ दिया और लगातार आगे बढ़ते रहे। छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार उन्हें ठगने का काम कर रही है और उन्हें रांची पहुंचने से रोका जा रहा है।
दरअसल, शनिवार को सरकार के प्रतिनिधियों और छात्र नेताओं के बीच लगातार 5 घंटे तक तीसरे दौर की वार्ता हुई थी।
सरकार ने कुछ मांगों पर सहमति जताकर आंदोलन को शांत करने की कोशिश की, लेकिन छात्र परीक्षाओं की ‘CBI जांच’ की मांग पर अड़े रहे।
इस अहम मुद्दे पर सहमति न बन पाने के कारण छात्रों ने आज (रविवार) विधानसभा मार्च का बड़ा फैसला लिया।
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत खराब होने के बावजूद वे एंबुलेंस में सवार होकर विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे।
उन्होंने कहा,
“सरकार छात्रों के धैर्य की परीक्षा न ले। कंटीले बैरिकेडिंग हमारे मजबूत इरादों को नहीं रोक पाएंगे। झारखंड में खुलेआम नौकरियों को बेचा जा रहा है।”
हालांकि, उन्होंने छात्रों से पुलिस के साथ न उलझने और शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करने की अपील भी की।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा,
“यह पूरी तरह सरकार की नाकामी है। सरकार ने कुछ मांगें मानी हैं, लेकिन सबसे अहम मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की है, क्योंकि सबसे बड़ी गड़बड़ियां वहीं हुई हैं। खुद अभय तिवारी ने माना है कि उन्होंने करीब 400 अभ्यर्थियों का चयन करवाया है। ऐसे में परीक्षा रद्द होना बेहद जरूरी है।”
फिलहाल, रांची में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और विधानसभा के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है।
खाकी फिर हुई शर्मसार: अमरोहा में हरियाणा की युवती से गैंगरेप, यूपी पुलिस के दरोगा…
होर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक जहाज 'एमवी केप डाओ' पर टॉरपीडो से हमला: यूपी के देवरिया…
बंगाल की खाड़ी में गहराया 'अर्णब' का खतरा: ओडिशा-आंध्र तटों पर भारी बारिश का अलर्ट,…
भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल: 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रभारी…
रायपुर में 'सेवा महाकुंभ' का ऐतिहासिक आयोजन: 3000 लोगों ने किया रक्तदान, गोल्डन बुक में…
जौनपुर कलेक्ट्रेट पर आशा कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल: मानदेय नहीं बढ़ा तो 15 दिन बाद…