राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सीएम योगी का विपक्ष पर जोरदार हमला
राम मंदिर ‘चढ़ावा’ विवाद: सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा- “साधु-संतों को बदनाम करना शर्मनाक”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के दान (चढ़ावे) में हेराफेरी के आरोपों पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए विपक्ष के रवैये को भारत की आस्था पर सीधा हमला करार दिया।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि यह मामला ‘चंदे’ का नहीं बल्कि ‘चढ़ावे’ का है और इसमें किसी भी साधु-संत की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है।
अलोकतांत्रिक है विपक्ष का व्यवहार: सीएम योगी
सदन में समाजवादी पार्टी के हंगामे पर सख्त ऐतराज जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य ने विपक्ष का अलोकतांत्रिक और शर्मनाक व्यवहार देखा है।
-
नियम 59 का हवाला: योगी ने याद दिलाया कि विधानसभा के कामकाज के नियम 59 के तहत यह पहले से तय है कि किसी ट्रिब्यूनल, आयोग या न्यायालय में लंबित (Sub-judice) मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती।
-
सदन का अपमान: उन्होंने आरोप लगाया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में आश्वासन देने के बावजूद सपा ने बिना नोटिस हंगामा किया। जिनका मकसद ही सिर्फ ‘हल्ला बोल’ करना हो, उन्हें लोकतांत्रिक कैसे कहा जा सकता है?
SIT जांच और 8 कर्मचारियों की गिरफ्तारी
चढ़ावे में हेराफेरी की सच्चाई सामने रखते हुए सीएम योगी ने पूरी जांच प्रक्रिया का ब्यौरा सदन में रखा:
-
ट्रस्ट का अनुरोध: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (जो कि कोर्ट द्वारा बनाया गया है) ने मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखकर एसआईटी (SIT) जांच की मांग की थी।
-
जांच और एफआईआर: SIT ने 23 जून को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद ट्रस्ट ने 25 जून को एफआईआर (FIR) दर्ज कराई।
-
8 कर्मचारी गिरफ्तार: सबूतों के आधार पर 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब कोर्ट ने आगे की कार्रवाई के लिए पूरे मामले को अपनी निगरानी में ले लिया है।
“साधु-संतों की कोई भूमिका नहीं”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि राम मंदिर परिसर में 1100 से ज़्यादा लोग काम करते हैं, जिनमें से केवल 8 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में किसी भी संत या साधु की कोई भूमिका नहीं है।
उन्होंने कहा, “संतों, साधुओं, अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करने की कोशिश हैरान करने वाली है। ये आरोप सपा और कांग्रेस लगा रहे हैं, जिन्होंने हमेशा भगवान राम का अपमान किया है।”











