Flattened paddy crops in waterlogged fields in Jaunpur and Azamgarh following heavy rains and gusty winds in Uttar Pradesh

यूपी के 62 जिलों में बारिश का अलर्ट, 19 में स्कूल बंद, धान फसल बर्बाद

यूपी में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं का कहर: 8 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी, 19 जिलों में स्कूल बंद; जौनपुर-आजमगढ़ में बिछी धान की फसल”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार आधी रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी है।

प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही तेज और धीमी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को प्रदेश के 8 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि 62 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

हालांकि, इस बारिश ने मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में रह गए करीब 4 फीसदी बारिश के सूखे (अंतर) को पूरा कर दिया है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश आफत बनकर आई है।

इन 8 जिलों में ‘अति भारी बारिश’ का अलर्ट, 19 जिलों में स्कूल बंद

मौसम विभाग ने तराई और रुहेलखंड क्षेत्र के 8 प्रमुख जिलों—श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी की है।

लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को 19 जिलों में शिक्षण संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया है:

  • कई जगहों पर नर्सरी से लेकर डिग्री कॉलेज तक के संस्थान बंद किए गए हैं।

  • 9 जिलों में से 4 जिलों में कक्षा 8 तक और शेष 15 जिलों में कक्षा 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

  • बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए लिए गए प्रशासन के इस फैसले का लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी खुलकर समर्थन किया है।

क्यों तीखे हुए मौसम के तेवर?

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र (डिप्रेशन) का पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के साथ संगम हो गया है।

इन दोनों सिस्टम के आपस में मिलने से उत्तर प्रदेश में बारिश के तेवर और अधिक तीखे हो गए हैं। शनिवार को बारिश का दायरा और व्यापक होने के आसार हैं।

लगातार बारिश के चलते अधिकतर जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और पारा सामान्य से नीचे लुढ़क गया है।

किसानों पर टूटा कहर: जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ में गिरी धान की फसल

शहरों में जहां बारिश से जलभराव की समस्या है, वहीं ग्रामीण इलाकों में अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण खेतों में पककर तैयार खड़ी धान और अन्य खरीफ की फसलें जमीन पर गिर गई हैं।

विशेष रूप से पूर्वांचल के जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ जिलों में तेज हवाओं के चलते बड़े पैमाने पर धान की फसल खेतों में बिछ जाने की सूचना है।

खेतों में पानी भरने और फसल गिरने से दाने काले पड़ने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।