यूपी के 62 जिलों में बारिश का अलर्ट, 19 जिलों में स्कूल बंद
पहाड़ से मैदान तक आफत की बारिश: यूपी के 8 जिलों में ‘रेड अलर्ट’, 19 जिलों में स्कूल बंद; दिल्ली-एनसीआर में भी आज रात से बदलेगा मौसम”
लखनऊ/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
सितंबर के आखिरी हफ्ते में विदा होते मानसून ने पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक रौद्र रूप धारण कर लिया है।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में पिछले 24 घंटों से बिना रुके बारिश जारी है।
मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को भी यूपी के 62 जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रदेश के 19 जिलों में शनिवार को सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है।
यूपी में अलर्ट का स्तर और स्कूलों में छुट्टी
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए उत्तर प्रदेश को तीन प्रमुख अलर्ट जोन में बांटा है:
-
रेड अलर्ट (अत्यधिक भारी बारिश): 8 जिले
-
ऑरेंज अलर्ट (अति भारी बारिश): 12 जिले
-
येलो अलर्ट (भारी बारिश व आंधी): 42 जिले
बारिश और जलभराव के खतरे को देखते हुए जिन 19 जिलों में अवकाश घोषित किया गया है, उनमें से 4 जिलों में कक्षा 8 तक और शेष 15 जिलों में कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल शनिवार को बंद रहेंगे।
दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों का हाल
निजी मौसम एजेंसी ‘स्काईमेट’ के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, इसके बावजूद 26 सितंबर की रात से मौसम अचानक पलटेगा।
तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होगा, जो रविवार तक गरज-चमक के साथ व्यापक रूप ले सकता है।
यूपी और उत्तराखंड में बेहद भारी बारिश के अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, तटीय कर्नाटक और केरल में भी झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
क्यों अचानक बदला मौसम का मिजाज? (वैज्ञानिक कारण)
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, तीन अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के आपसी टकराव और सक्रियता ने यह स्थिति पैदा की है:
-
चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब तट पार करने के बाद कमजोर होकर ‘निम्न दबाव के क्षेत्र’ (Low Pressure Area) में तब्दील हो गया है।
-
यह ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ से होते हुए 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़कर अब मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के हिस्से तक पहुंच गया है।
-
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है।
-
मानसून की वापसी रेखा: दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा वर्तमान में गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है।
चक्रवाती निम्न दबाव और पश्चिमी विक्षोभ के इस मिलन ने उत्तर और मध्य भारत में मानसूनी गतिविधियों को फिर से बेहद आक्रामक बना दिया है।











