आलू किसानों को कोल्ड स्टोरेज पर मिलेगा अनुदान, 15 अक्टूबर तक आवेदन
जौनपुर के आलू किसानों के लिए खुशखबरी: निजी कोल्ड स्टोरेज में भंडारण पर मिलेगा बंपर अनुदान, 15 अक्टूबर तक करें आवेदन”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद के आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है।
अब किसानों को निजी शीतगृहों (कोल्ड स्टोरेज) में अपने आलू के सुरक्षित भंडारण पर सरकार की ओर से सीधा अनुदान (सब्सिडी) मिलेगा।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा ने इस योजना की जानकारी देते हुए किसानों से 15 अक्टूबर 2026 तक आवेदन करने की अपील की है, ताकि समय से उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
कितना मिलेगा अनुदान और क्या हैं शर्तें?
इस सरकारी योजना के तहत, पात्र किसानों को उनके भंडारित आलू पर 100 रुपये प्रति कुंतल की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
एक किसान को अधिकतम 02 हेक्टेयर क्षेत्रफल और 200 कुंतल आलू के भंडारण पर ही अनुदान का लाभ मिलेगा।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस योजना का लाभ पट्टाधारक (Leasehold) किसानों को भी मिलेगा।
परिवार के अलग-अलग सदस्यों को उनके भू-अभिलेखों में दर्ज रकबे के अनुसार अलग-अलग अनुदान दिया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनुदान राशि आलू की निकासी के बाद ही किसानों के खातों में भेजी जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से आएगी। इसलिए किसानों का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान अपने संबंधित कोल्ड स्टोरेज पर जाकर या विभागीय ऑनलाइन पोर्टल potato.uphorticulture.in पर 15 अक्टूबर तक अपना आवेदन दर्ज करा सकते हैं।
आवेदन करते समय किसानों को आधार कार्ड या कृषक आईडी के जरिए ई-केवाईसी (e-KYC) करनी होगी।
इसके अलावा बैंक पासबुक/चेकबुक की छायाप्रति, अद्यतन खसरा-खतौनी, कोल्ड स्टोरेज की आमद रसीद, भंडारण रसीद, भुगतान रसीद, निकासी रसीद और गेट पास जैसे जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
दस्तावेजों की जांच में बरतें सावधानी
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. राणा ने किसानों से विशेष अपील की है कि वे आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और स्पष्ट रूप से अपलोड करें।
बैंक खाते और भूमि संबंधी अभिलेखों में दर्ज जानकारी समान होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर सत्यापन प्रक्रिया में अड़चन आ सकती है और अनुदान राशि रुक सकती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल उत्पादन के बाद भंडारण में आने वाले भारी खर्च से बचाना है, ताकि वे बाजार में अच्छे दाम मिलने पर अपनी उपज बेच सकें।
आलू भंडारण अनुदान योजना: एक नजर में
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| योजना का नाम | निजी शीतगृहों में आलू भंडारण पर अनुदान |
| लाभार्थी | जौनपुर के आलू उत्पादक किसान (पट्टाधारक सहित) |
| अनुदान की दर | 100 रुपये प्रति कुंतल |
| अधिकतम सीमा | 200 कुंतल (अधिकतम 02 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर) |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 15 अक्टूबर 2026 |
| ऑनलाइन पोर्टल | potato.uphorticulture.in |
| भुगतान का माध्यम | आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे (DBT) |
| महत्वपूर्ण दस्तावेज | आधार, खतौनी, बैंक पासबुक, कोल्ड स्टोरेज की रसीदें |











