तमिलनाडु में सियासी भूचाल: अन्नामलाई ने BJP छोड़ी, बनाएंगे नई पार्टी
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा भूचाल: के. अन्नामलाई ने BJP से दिया इस्तीफा, नई पार्टी बनाने का किया ऐलान “
चेन्नई: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
दक्षिण भारत की राजनीति, विशेषकर तमिलनाडु में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पूर्व आईपीएस अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को बीजेपी से आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है।
इतना ही नहीं, उन्होंने एक ‘नए पॉलिटिकल मूवमेंट’ (नई पार्टी) की शुरुआत करने का भी बड़ा ऐलान किया है।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्नामलाई ने अपने भविष्य के राजनीतिक प्लान का खुलासा किया और स्पष्ट किया कि उनकी यह नई पार्टी तमिलनाडु का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
स्वच्छ राजनीति और ‘टर्म लिमिट’ का वादा
अन्नामलाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैंने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। आज से मेरे जीवन में एक नए सफर की शुरुआत होगी और मुझे आप सबके साथ की जरूरत है।”
उन्होंने राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह एक ‘साफ-सुथरी राजनीति’ की नींव रखना चाहते हैं।
परिवारवाद की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने घोषणा की कि जैसे ही उनकी पार्टी का गठन पूरा होगा, वे ‘टर्म लिमिट’ (कार्यकाल की सीमा) का नियम लेकर आएंगे, ताकि किसी एक व्यक्ति या परिवार का सत्ता पर एकाधिकार न रहे।
जब रजनीकांत का बड़ा ऑफर ठुकराया था
अपने संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर को याद करते हुए पूर्व आईपीएस ने बताया कि उन्होंने 2009 में DMDK के साथ इंटर्नशिप की थी और 2020 में बीजेपी का दामन थामा था।
इस दौरान उन्होंने एक बड़ा खुलासा किया कि 24 अगस्त 2020 को जब वह बीजेपी ज्वाइन करने जा रहे थे, तब सुपरस्टार रजनीकांत ने उन्हें फोन कर अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया था।
लेकिन अन्नामलाई बीजेपी के दिग्गज नेता बी.एल. संतोष को पहले ही वादा कर चुके थे, इसलिए उन्होंने रजनीकांत को विनम्रतापूर्वक मना कर दिया था।
“पीएम मोदी का सम्मान, लेकिन नीतियों पर होगा कड़ा विरोध”
अन्नामलाई ने बताया कि उनकी नई पार्टी की विचारधारा, नीति और सिद्धांतों का विस्तृत ऐलान बाद में किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनके मन में हमेशा गहरा आदर रहेगा।
लेकिन अगर राज्य के हितों और किसी मुद्दे पर बीजेपी से उनका मतभेद होता है, तो उसे पूरी प्रखरता के साथ उठाया जाएगा।
उन्होंने याद दिलाया कि जब वे बीजेपी में थे, तब भी उन्होंने राज्य के हित में ‘त्रिभाषा नीति’ (3 Language Policy) का कड़ा विरोध किया था।
अमित शाह से मिलकर सौंपा इस्तीफा
अपने इस्तीफे की प्रक्रिया पर सफाई देते हुए अन्नामलाई ने कहा, “मैं तमिलनाडु में बैठकर सिर्फ एक चिट्ठी के जरिए इस्तीफा भेजने वालों में से नहीं हूं।” उन्होंने बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से दिल्ली गए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और पार्टी की जो भी कमियां उन्हें महसूस हुईं, उन पर स्पष्टीकरण देने के बाद ही अपना इस्तीफा सौंपा।
इस ऐलान के बाद तमिलनाडु के सियासी समीकरण तेजी से बदलने के आसार हैं, क्योंकि अन्नामलाई युवाओं और जमीनी स्तर पर एक मजबूत पकड़ रखते हैं।
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