Politics

पीएम मोदी की मालदा से हुंकार- नफरत की राजनीति ने रोका विकास”

“तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार: ‘भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण’ की राजनीति को बताया बंगाल की तरक्की में बाधक”

विशेष संवाददाता | मालदा/नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत के ‘विकसित राष्ट्र’ बनने का रास्ता पूर्वी भारत के गलियारों से होकर गुजरता है।

2047 तक भारत को विकसित बनाने के संकल्प को दोहराते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब तक पूर्वी भारत का पूर्ण विकास नहीं होता, तब तक देश की तरक्की की तस्वीर पूरी नहीं होगी।

“नफरत की राजनीति ने पूर्वी भारत को पीछे धकेला”

विपक्ष पर करारा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को “घृणा की राजनीति” का शिकार बनाया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति ने न केवल विकास की गति को रोका, बल्कि यहां के युवाओं को अवसरों से भी वंचित रखा।

उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारी सरकार ने पूर्वी राज्यों को विभाजनकारी राजनीति के चंगुल से मुक्त किया है। अब हमारा पूरा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और जन-कल्याण पर है।”

टीएमसी पर वार: ‘हिंसा और तुष्टीकरण का पर्याय’

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को आड़े हाथों लेते हुए प्रधानमंत्री ने उसे “भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और हिंसा” की पार्टी करार दिया।

उन्होंने कहा, “टीएमसी अब जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है। राज्य की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में यह सरकार पूरी तरह विफल रही है।”

पीएम मोदी ने बंगाल की जनता से आह्वान किया कि राज्य को अब एक ऐसी भाजपा सरकार की जरूरत है, जो राजनीतिक स्वार्थ के बजाय विकास और जन कल्याण को अपनी प्राथमिकता बनाए।

शिवेंदु शेखर राय को श्रद्धांजलि

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने मालदा की धरती के सपूत शिवेंदु शेखर राय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने मालदा की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को संरक्षित करने में राय के प्रयासों की सराहना की।

पीएम ने कहा कि स्थानीय विरासत को विकास और सांस्कृतिक गौरव के साथ जोड़ना ही सच्चे लोकसेवक की पहचान है।

समावेशी विकास ही कुंजी

प्रधानमंत्री ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण की कुंजी ‘समावेशी विकास’ (Inclusive Growth) में छिपी है।

पूर्वी भारत की अपार क्षमता को उजागर करने के लिए अब विकास-केंद्रित शासन समय की मांग है। मालदा की रैली से पीएम मोदी ने 2047 के विजन और बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन, दोनों का शंखनाद कर दिया है।

Santosh SETH

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