पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों संग बैठक में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र के संकेत दिए।
पीएम मोदी का बड़ा संकेत: परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के लिए जल्द आ सकता है विशेष सत्र”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एनडीए (NDA) सांसदों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें आगामी रणनीतियों और बड़े विधायी कदमों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए गए।
सूत्रों के अनुसार, सरकार के पास ‘परिसीमन बिल’ और ‘महिला आरक्षण बिल’ को पास कराने के लिए पर्याप्त संख्याबल मौजूद है और इसके लिए इसी महीने संसद का एक विशेष सत्र (Special Session) बुलाया जा सकता है।
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट संकेत दिए कि परिसीमन को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार है और इसके लिए 366 सांसदों का समर्थन जुटा लिया गया है।
यदि मौजूदा मॉनसून सत्र में यह संभव नहीं हुआ, तो विशेष सत्र बुलाकर इन विधेयकों को आगे बढ़ाया जाएगा।
सांसदों को आश्वस्त किया गया कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान उनके निर्वाचन क्षेत्रों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस मुद्दे पर विपक्षी दल ‘डीएमके’ (DMK) ने भी एनडीए का साथ देने के लिए तीन शर्तें रखी हैं।
बैठक में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के 7 सांसद, एनसीपीआई के 20 और एनसीपी (अजित पवार) के सांसद शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने शिंदे गुट के सांसदों को आश्वस्त किया कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है, क्योंकि पार्टी से जुड़े सभी फैसले संविधान के दायरे में लिए गए हैं।
उन्होंने विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा आने पर सांसदों को सीधे ‘प्रधानमंत्री कार्यालय’ (PMO) से संपर्क करने को कहा।
पीएम मोदी ने सांसदों को ‘जेन-जी’ (Gen-Z) और युवाओं के बीच लगातार सक्रिय रहने का ‘मूलमंत्र’ दिया।
उन्होंने कहा कि सांसद युवाओं को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दें।
संवाद के जरिए युवाओं की नाराजगी और सरकार के प्रति नकारात्मकता को कम करने का प्रयास करें।
प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबाळकर के योगाभ्यास की जानकारी लेते हुए पीएम ने सभी को स्वस्थ रहने, नियमित योग करने और जनता (गरीब, मजदूर, किसान) के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनने की सलाह दी।
उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया और कहा कि एनडीए में 1 सांसद वाले दल को भी उतना ही सम्मान मिलता है जितना बड़े दलों को।
पीएम मोदी ने संसद में जारी गतिरोध पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है।
लगातार हंगामे के कारण नए सांसदों को सदन में बोलने का अवसर नहीं मिल पा रहा है, जो उनके साथ बड़ा अन्याय है।
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