पीएम मोदी ने मैसूरु में किया ‘विवेका स्मारक’ का उद्घाटन
कर्नाटक: पीएम मोदी ने मैसूरु में ‘विवेका स्मारक’ का किया उद्घाटन, युवाओं को दिया राष्ट्र निर्माण का मंत्र”
मैसूरु: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कर्नाटक के ऐतिहासिक शहर मैसूरु में ‘स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र – विवेका स्मारक’ का भव्य उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सबसे पहले मैसूरु की अधिष्ठात्री देवी माता चामुंडेश्वरी को नमन किया और रामकृष्ण मिशन के साथ अपने गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव को याद किया।
मैसूरु के महाराजा और स्वामी विवेकानंद का ऐतिहासिक नाता
प्रधानमंत्री ने मैसूरु को देश की सांस्कृतिक चेतना का शाश्वत केंद्र बताया। उन्होंने 130 साल पुराने उस ऐतिहासिक प्रसंग का जिक्र किया जब मैसूरु के तत्कालीन महाराजा ने एक युवा और भटकते संन्यासी (स्वामी विवेकानंद) की प्रतिभा को पहचाना था और उनकी मदद की थी।
पीएम मोदी ने कहा, ‘जिस समय स्वामी जी की प्रसिद्धि स्थापित नहीं हुई थी, तब महाराजा ने उन्हें पहचाना, जिसे बाद में स्वामी जी ने अमेरिका से भी कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार किया था।’
युवा शक्ति और भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव
प्रधानमंत्री ने आज के भारतीय युवाओं की तुलना स्वामी विवेकानंद के दौर से करते हुए कहा कि जो युवा कभी गुलामी की जंजीरों में जकड़े थे, वे आज पूरी दुनिया के विकास को गति दे रहे हैं।
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पीएम ने युवाओं की सफलता गिनाते हुए बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माण केंद्र है।
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देश के युवा एआई (AI), डीप टेक, स्पेस टेक्नोलॉजी और निजी रॉकेट प्रक्षेपण जैसे क्षेत्रों में स्वर्णिम अध्याय लिख रहे हैं।
शिक्षा और खेल ढांचे में हुआ अभूतपूर्व विकास
पीएम मोदी ने सरकार के प्रयासों को साझा करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में देश में 650 से अधिक नए विश्वविद्यालय और 14,000 कॉलेज खुले हैं।
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एमबीबीएस (MBBS) की सीटें लगभग दोगुनी होकर 1,40,000 तक पहुंच गई हैं।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत 14,000 से अधिक ‘पीएम श्री स्कूल’ और 10,000 ‘अटल टिंकरिंग लैब’ स्थापित की गई हैं ताकि बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित हो सके।
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खेलो इंडिया के जरिए जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारा जा रहा है।
नागरिकों से की ‘वोकल फॉर लोकल’ और जल संचय की अपील
संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने मैसूरु की स्वच्छता की तारीफ करते हुए नागरिकों से जल संरक्षण को मिशन मोड में लेने का आग्रह किया।
उन्होंने युवाओं से स्मार्टफोन की दुनिया से बाहर निकलकर ‘वाल्मीकि रामायण’ के कन्नड़ अनुवाद जैसे समृद्ध साहित्य को पढ़ने की अपील की।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने हस्तशिल्प, रेशम और चंदन उत्पादों की खरीद के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देकर स्वदेशी कारीगरों का समर्थन करने का आह्वान किया।











