PM Kisan 22nd Installment : पीएम मोदी कल जारी करेंगे 22वीं किस्त, खाते में आएंगे पैसे | The Politics Again
‘पीएम मोदी कल जारी करेंगे ‘पीएम किसान’ की 22वीं किस्त: 9.32 करोड़ किसानों के खाते में सीधे पहुंचेंगे ₹18,640 करोड़ “
नई दिल्ली/गुवाहाटी (The Politics Again): श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी कल, 13 मार्च को असम के गुवाहाटी में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-Kisan) की 22वीं किस्त जारी करेंगे।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि इस किस्त के तहत देश के 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल ₹18,640 करोड़ की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी।
महिला किसानों को बड़ी सौगात और अब तक का भुगतान कृषि मंत्री ने इस योजना की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया:
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महिला किसान: इस 22वीं किस्त का लाभ पाने वालों में 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी शामिल हैं, जो ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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कुल भुगतान: पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में ₹4 लाख 9 हजार करोड़ से अधिक की राशि DBT के माध्यम से भेजी जा चुकी है।
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अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि इस सीधी आर्थिक मदद से किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
कृषि क्षेत्र में भारत बना वैश्विक शक्ति: चीन को पछाड़ा
श्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले एक दशक (2014 से अब तक) में कृषि क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि भारत अब अनाज की कमी वाले देश से निकलकर एक ‘वैश्विक शक्ति’ बन गया है:
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चावल में नंबर 1: भारत 150 मिलियन टन चावल उत्पादन के साथ चीन को पीछे छोड़कर आज दुनिया में पहले स्थान पर आ गया है।
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रिकॉर्ड खाद्यान्न: 2014 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 252 मिलियन टन था, जो आज बढ़कर 357 मिलियन टन हो गया है।
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बागवानी और दालें: फल और सब्जियों का उत्पादन 277 मिलियन टन से बढ़कर 369 मिलियन टन तक पहुँच गया है। भारत आज दालों (तुअर, मसूर, उड़द) का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है।
किसानों के लिए क्रांतिकारी AI टूल: ‘भारत विस्तार’ लॉन्च
सरकार ने तकनीकी मोर्चे पर भी किसानों को मजबूत करने के लिए “भारत विस्तार” (Bharat Vistar) नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का पहला चरण लॉन्च किया है।
इसके जरिए किसान केवल एक फोन कॉल करके अपनी स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी हर तरह की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
कृषि बजट और ऋण में ऐतिहासिक उछाल
केंद्रीय मंत्री ने वित्तीय सुरक्षा के आंकड़ों को साझा करते हुए यूपीए (UPA) सरकार और वर्तमान एनडीए (NDA) सरकार के कार्यकाल की तुलना की:
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कृषि ऋण: 2014 में कृषि ऋण ₹8.45 लाख करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹28.69 लाख करोड़ हो गया है।
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फसल बीमा: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लगभग ₹2 लाख करोड़ की क्लेम राशि दी गई है।
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कृषि बजट: यूपीए सरकार के समय का ₹27,000 करोड़ का सालाना कृषि बजट अब बढ़कर ₹1.40 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।












