पेट्रोल-डीजल ₹3 महंगा, जानें दूध-सब्जी से लेकर क्या-क्या होगा महंगा?
महंगाई का बड़ा झटका: पेट्रोल-डीजल ₹3 महंगा; दूध-सब्जी से लेकर घर बनाना तक, जानें अब क्या-क्या होगा महंगा?
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
आम जनता पर महंगाई की एक और बड़ी मार पड़ी है। आज यानी 15 मई, 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में सीधे 3-3 रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा कर दिया है।
फ्यूल की कीमतों में हुई इस अचानक बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी, रसोई के बजट और जेब पर पड़ने वाला है।
हम सभी जानते हैं कि पेट्रोल और डीजल के दाम सीधे तौर पर महंगाई का मीटर तय करते हैं। किसी भी चीज के प्रोडक्शन से लेकर उसे उपभोक्ता तक पहुंचाने (ट्रांसपोर्टेशन) में ईंधन की अहम भूमिका होती है।
आइए समझते हैं कि इस बढ़ोतरी के बाद आपकी जिंदगी में किन-किन चीजों के दाम बढ़ने वाले हैं:
1. सब्जियां, दूध और राशन की कीमतों में उछाल
डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर माल ढुलाई (Freight) पर पड़ता है।
खेतों से मंडियों तक अनाज और सब्जियां लाने वाले ट्रकों का किराया बढ़ जाएगा, जिससे बाजार में सब्जियों और फलों की कीमतों में 5% तक की बढ़ोतरी होने की आशंका है।
बीते दिनों अमूल (Amul) ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।
ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से पैकेट बंद आटा, दाल, चावल और अन्य बुनियादी राशन का महंगा होना लगभग तय है।
2. सफर और ऑनलाइन शॉपिंग पर पड़ेगा असर
किराये में वृद्धि: निजी बस संचालकों के साथ-साथ ओला-उबर (Ola-Uber) जैसे टैक्सी कैब एग्रीगेटर्स भी अपने किराए में भारी बढ़ोतरी कर सकते हैं।
डिलीवरी चार्ज: ई-कॉमर्स और ऑनलाइन शॉपिंग (Amazon, Flipkart आदि) के लिए अब ग्राहकों को ज्यादा डिलीवरी चार्ज चुकाना पड़ सकता है क्योंकि कूरियर कंपनियों पर फ्यूल सरचार्ज का बोझ बढ़ेगा।
3. खेती और निर्माण (Construction) भी होगा खर्चीला
किसानों पर दोहरी मार: डीजल महंगा होने से किसानों के लिए ट्रैक्टर चलाना और सिंचाई के लिए पंप सेट का उपयोग करना महंगा हो जाएगा। इससे सीधे तौर पर फसल उत्पादन की लागत (Input Cost) बढ़ेगी।
घर बनाना हुआ महंगा: कारखानों से लेकर साइट तक कच्चा माल पहुंचाना महंगा होगा। सीमेंट, सरिया और ईंटों की सप्लाई कॉस्ट बढ़ने से घर बनाने का खर्च भी बढ़ जाएगा।
महंगाई के इस दौर में कैसे बचाएं पैसे?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस महंगाई से निपटने के लिए आम जनता को कुछ स्मार्ट कदम उठाने होंगे:
निजी वाहनों (कार/बाइक) के बजाय मेट्रो या बस जैसे सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का उपयोग बढ़ाएं।
ईंधन की अनिश्चित कीमतों और बढ़ते खर्च से बचने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाना एक लंबी अवधि का बेहतर विकल्प हो सकता है।
अगले कुछ महीनों के लिए अपने घर के बजट की दोबारा समीक्षा करें और अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं।
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