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देश में 1 जुलाई से हटेंगी पेट्रोल-डीजल पाबंदियां

1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल पर हटेंगी सभी अस्थायी पाबंदियां, कमर्शियल LPG सप्लाई भी पूरी तरह बहाल”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से पेट्रोल और डीज़ल की बिक्री पर लागू सभी अस्थायी प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है।

इसके साथ ही इस महीने की शुरुआत में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और संभावित ईंधन आपूर्ति संकट को देखते हुए लागू किए गए आपातकालीन उपाय समाप्त हो जाएंगे।

सरकार का कहना है कि अब ईंधन आपूर्ति सामान्य और स्थिर है, इसलिए बाजार को पूर्ववत संचालन की अनुमति दी जा रही है।

सरकार ने यह निर्णय तेल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया है। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है और फिलहाल किसी बड़े व्यवधान की आशंका नहीं है।

क्यों लगाई गई थीं पाबंदियां?

ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका-इज़राइल संघर्ष के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संभावित व्यवधान की आशंका के चलते सरकार ने एहतियाती कदम उठाए थे।

उस समय आशंका जताई जा रही थी कि यदि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है तो भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है।

इसी कारण कमर्शियल ग्राहकों के लिए रिटेल पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीज़ल की खरीद पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।

साथ ही आम उपभोक्ताओं के लिए भी डीज़ल की दैनिक खरीद पर सीमा निर्धारित की गई थी, ताकि आवश्यक सेवाओं और आम नागरिकों के लिए पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रहे।

कमर्शियल LPG की सप्लाई भी सामान्य

सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को निर्देश दिया है कि वे गैर-घरेलू (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी क्षमता के साथ फिर से शुरू करें। इसके अलावा बल्क एलपीजी की आपूर्ति पर लगी पाबंदियों में भी आंशिक ढील दी गई है।

सरकार के अनुसार, बल्क एलपीजी की आपूर्ति अब संकट से पहले की खपत के 50 प्रतिशत तक बहाल की जाएगी।

हालांकि, जो औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ता पहले ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर स्थानांतरित हो चुके हैं, उन्हें दोबारा एलपीजी पर लौटने की अनुमति नहीं होगी। सरकार स्वच्छ और स्थायी ईंधन के रूप में PNG के उपयोग को बढ़ावा देने की नीति पर कायम है।

होटल और उद्योगों को मिलेगी राहत

अस्थायी प्रतिबंधों के दौरान कई होटल, रेस्तरां, बेकरी और औद्योगिक इकाइयों को कमर्शियल एलपीजी की सीमित उपलब्धता के कारण वैकल्पिक ईंधनों का सहारा लेना पड़ा था।

अब आपूर्ति सामान्य होने से इन क्षेत्रों को परिचालन लागत और ईंधन उपलब्धता के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार का फोकस ऊर्जा सुरक्षा पर

सरकार का कहना है कि भविष्य में किसी भी वैश्विक आपूर्ति संकट से निपटने के लिए ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन आपूर्ति श्रृंखला की लगातार निगरानी जारी रहेगी।

साथ ही आवश्यकता पड़ने पर समयानुकूल कदम उठाए जाएंगे, ताकि देश में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे।

Santosh SETH

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