ओवैसी का आरोप: मुसलमानों को निशाना बना रही सरकार, NRC-NPR पर सवाल
ओवैसी का बड़ा आरोप: ‘सुनियोजित साजिश के तहत मुसलमानों को बनाया जा रहा निशाना’, निदा खान मामले और NRC-NPR पर उठाए गंभीर सवाल
छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोला है।
शनिवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि देश में मुसलमानों को एक ‘सुनियोजित एजेंडे’ और ‘साजिश’ के तहत निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने विशेष गहन संशोधन (SIR) को सीधे तौर पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) से जोड़ने का बड़ा दावा किया है।
‘NRC और NPR से जोड़ा जा रहा है SIR को’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने नागरिकता और डेटाबेस के मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा:
विशेष गहन संशोधन (SIR) जैसे मुद्दों को NRC और NPR के साथ जोड़ा जा रहा है, जिसका संचालन सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय करेगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि ‘मैपिंग’ (Mapping) को अनिवार्य कर दिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि यदि मैपिंग नहीं की जाती है, तो यह प्रक्रिया लोगों के ‘माता-पिता के नामों’ के आधार पर की जाएगी।
AIMIM प्रमुख ने मतदाताओं से अपील करते हुए स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल मुसलमानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों और नागरिकों से जुड़ा हुआ है।
निदा खान मामला: ‘क्या बुर्का पहनना या उर्दू किताबें रखना जुर्म है?’
ओवैसी ने हालिया ‘निदा खान मामले’ का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्रवाई और सत्ताधारी पार्टी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।
टीसीएस (TCS) का स्पष्टीकरण: ओवैसी ने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने खुद यह स्पष्ट कर दिया है कि निदा खान उनके यहां मानव संसाधन (HR) कर्मचारी नहीं थीं।
मीडिया ट्रायल: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा आधिकारिक एफआईआर (FIR) दर्ज होने से पहले ही निदा खान का नाम सार्वजनिक कर दिया गया और सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर उनके खिलाफ एकतरफा ‘मीडिया ट्रायल’ चलाया गया।
एफआईआर की भाषा पर आपत्ति: ओवैसी ने एफआईआर में दर्ज तथ्यों पर गहरी आपत्ति जताते हुए पूछा, “महिला के घर से ‘बुर्का’ बरामद होने का एफआईआर में क्या मतलब है? क्या अब देश में बुर्का पहनना गैरकानूनी हो गया है?”
उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि किसी व्यक्ति के घर में पैगंबर मुहम्मद से संबंधित किताबें या उर्दू की कविताएं (शायरी) मिलती हैं, तो इसमें गलत क्या है?
‘नफरत के आधार पर लगाए जा रहे आरोप’
ओवैसी ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि एक सोची-समझी साजिश के तहत मुसलमानों को फंसाया जा रहा है और यह सब केवल ‘नफरत’ के आधार पर किया जा रहा है।
उन्होंने भरोसा जताया कि इस पूरे मामले को अदालत के समक्ष मजबूती से पेश किया जाएगा।
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