Vehicles moving on a high-speed access-controlled national highway in India, built according to new NHAI guidelines

NHAI : हाई-स्पीड हाईवे पर पशुओं को रोकने के लिए बनेगी दीवार

NHAI ने जारी किए हाई-स्पीड नेशनल हाईवे के नए नियम: यातायात के अनुसार तय होगी चौड़ाई, आवारा पशुओं को रोकने के लिए बनेगी दीवार”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने और देश में विश्व स्तरीय सड़क नेटवर्क बिछाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा कदम उठाया है।

NHAI ने एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य पहुंच-नियंत्रित (Access-Controlled) हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना, डिजाइन और निर्माण के लिए नए और व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, दुर्घटनाओं को रोकना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की परिचालन दक्षता में सुधार करना है।

एकसमान मानकों की आवश्यकता और ‘विकसित भारत 2047’

भारत सरकार ने ‘विकसित भारत 2047’ के तहत देश भर में 50,000 किलोमीटर लंबे एक्सेस-नियंत्रित हाई-स्पीड कॉरिडोर के विकास का लक्ष्य रखा है।

वर्तमान में एक्सप्रेसवे को छोड़कर अन्य हाई-स्पीड हाईवे के डिजाइन के लिए कोई अलग मानक नहीं थे, जिससे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में एकरूपता की कमी देखी जाती थी।

नए दिशा-निर्देश आगामी सभी 4 और 6 लेन वाले ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड हाई-स्पीड राजमार्गों पर लागू होंगे, जिससे तकनीकी मानकों में स्थिरता आएगी।

यातायात के दबाव के आधार पर तय होगा हाईवे का डिजाइन

नए दिशा-निर्देशों में वाहनों की संख्या (यातायात प्रवाह) के आधार पर हाईवे की लेन और चौड़ाई (Right of Way) को मानकीकृत किया गया है:

  • 15,000 वाहनों तक: चार लेन वाले राजमार्ग का निर्माण होगा, जिसकी कुल चौड़ाई 60 मीटर होगी।

  • 15,000 से 25,000 वाहन: चार लेन वाले राजमार्ग (छह लेन की संरचनाओं के साथ) बनाए जाएंगे, जिनकी चौड़ाई 70 मीटर होगी।

  • 25,000 से 40,000 वाहन: छह लेन वाले राजमार्ग (छह लेन संरचनाओं के साथ) बनेंगे और इनकी चौड़ाई भी 70 मीटर रखी जाएगी।

सुरक्षा पर विशेष फोकस: रैंप, इंटरचेंज और बाउंड्री वॉल

यातायात को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए NHAI ने कई सख्त प्रावधान किए हैं:

  • इंटरचेंज की सुविधा: एक्सप्रेसवे, स्टेट हाईवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्कों (MMLP), औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले चौराहों पर विशेष रैंप के साथ इंटरचेंज बनाए जाएंगे।

  • प्रवेश/निकास की पूर्व सूचना: हाईवे उपयोगकर्ताओं को आगामी प्रवेश और निकास द्वारों का अनुमान लगाने के लिए अग्रिम सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।

  • 1 मीटर ऊंची दीवार: हाई-स्पीड हाईवे पर होने वाले जानलेवा हादसों को रोकने के लिए अब अतिक्रमण, अनधिकृत प्रवेश और आवारा पशुओं के प्रवेश पर सख्त रोक होगी।

  • इसके लिए पूरे कॉरिडोर के बाहरी किनारे पर एक मीटर ऊंची चारदीवारी (Boundary Wall) का निर्माण अनिवार्य कर दिया गया है।

NHAI की यह पहल देश में एक सुरक्षित, निर्बाध और भविष्य के लिए तैयार सड़क नेटवर्क विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।