बंगाल में नया युग: सुवेंदु अधिकारी ने ली CM पद की शपथ
बंगाल में नए युग का शंखनाद: सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में शनिवार की सुबह एक नए और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी ने सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह राज्य में एक बड़े और ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन का प्रतीक है।
हालिया विधानसभा चुनावों में BJP ने 207 सीटें जीतकर एकतरफा और निर्णायक जनादेश हासिल किया है, जिसके साथ ही बंगाल में दशकों पुराना क्षेत्रीय दलों का वर्चस्व अब पूरी तरह समाप्त हो गया है।
राज्यपाल से मुलाकात और सरकार का विजन
चुनावी नतीजों के स्पष्ट होने के बाद, सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल आर.एन. रवि से राजभवन में मुलाकात कर औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
जनता के इस अभूतपूर्व जनादेश को “ऐतिहासिक” बताते हुए, नए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य फोकस चुनाव प्रचार के दौरान किए गए सभी वादों को धरातल पर उतारना होगा।
उन्होंने राज्य में विकास, राजनीतिक स्थिरता और सुशासन (शासन सुधारों) को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
ब्रिगेड ग्राउंड में VVIP अतिथियों का जमावड़ा और शक्ति प्रदर्शन
सुवेंदु अधिकारी का यह शपथ ग्रहण समारोह केवल एक राज्य का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर BJP के लिए एक विशाल शक्ति प्रदर्शन का अवसर बन गया।
इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए देश भर से कई शीर्ष नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और NDA नेताओं ने कोलकाता में शिरकत की।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल प्रमुख VVIP अतिथियों की सूची:
ममता के ‘करीबी’ से नंदीग्राम के ‘जायंट किलर’ तक का सफर
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक उदय बेहद तेज और प्रभावशाली रहा है।
एक दौर था जब उन्हें तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी का सबसे भरोसेमंद और करीबी रणनीतिकार माना जाता था।
लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उन्होंने BJP का दामन थाम लिया। 2021 के चुनावों में अधिकारी ने नंदीग्राम की हाई-प्रोफाइल सीट पर खुद ममता बनर्जी को मात देकर पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं।
यह उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था। तब से लेकर आज तक, वह पश्चिम बंगाल में BJP के सबसे बड़े और मुखर चेहरे के रूप में संघर्ष करते रहे।
आज मुख्यमंत्री के पद पर उनका आसीन होना न केवल उनके निजी संघर्ष की जीत है, बल्कि बंगाल में BJP के दशकों के संकल्प की सबसे बड़ी सफलता है।
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