Rescue workers and heavy machinery struggling to clear debris from landslides on the Prithvi Highway in Nepal amidst heavy rains

नेपाल में कुदरत का कहर: भारी बारिश से भूस्खलन, राहत कार्य ठप

नेपाल में कुदरत का दोहरा प्रहार: 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद फिर भारी बारिश का अलर्ट, राहत कार्य ठप”

काठमांडू: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

नेपाल एक बार फिर प्राकृतिक आपदा के भीषण कहर का सामना कर रहा है। 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़—जिसमें 1,450 से अधिक लोगों की जान चली गई थी

और लगभग 5,600 लोग अब भी लापता हैं—से उबरने की कोशिश कर रहे नेपाल पर अब भारी बारिश ने नया संकट खड़ा कर दिया है।

ताजा बारिश ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और पुनर्बहाली (Rehabilitation) के प्रयासों को पूरी तरह से रोक दिया है, और अधिकारियों ने भूस्खलन व मलबे के बहाव का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग की चेतावनी: कई प्रांतों में ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का अलर्ट

नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार से रविवार के बीच देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

विशेष रूप से गांडकी और लुंबिनी प्रांतों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) नदियों के बढ़ते जलस्तर और संभावित आपदाओं की लगातार निगरानी कर रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यह बारिश अगस्त जैसी अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) तो नहीं है, लेकिन पहले से क्षतिग्रस्त इलाकों (कमजोर पहाड़, टूटे किनारे) में इसके कारण भूस्खलन और बुनियादी ढांचे के ढहने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

भूस्खलन से कई राजमार्ग बंद, मलबा हटाना हुआ मुश्किल

ताजा बारिश का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में देखा जा रहा है, जो अगस्त की बाढ़ में तबाह हो गए थे:

  • धाड़िंग जिला: यहां भूस्खलन के कारण महत्वपूर्ण ‘पृथ्वी राजमार्ग’ 7 जगहों पर प्रभावित हुआ है। पुलिस के अनुसार, कृष्णभीर और तिग्रांग खोला में सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है।

  • लगातार बारिश के कारण मलबा हटाने वाली मशीनें भी काम नहीं कर पा रही हैं। (गौरतलब है कि अगस्त की बाढ़ के बाद यह राजमार्ग 18 दिन तक बंद रहा था और 17 सितंबर को ही इसे दोबारा खोला गया था)।

  • चितवन जिला: सुरक्षा और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यहां पृथ्वी राजमार्ग और नारायणगढ़-मुगलिन सड़क मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

पीएम बालेंद्र शाह की अपील: अनावश्यक यात्रा से बचें

लगातार बिगड़ते मौसम और यात्रा के दौरान बढ़ते जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख राजमार्गों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नागरिकों से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें,

अनावश्यक यात्रा से बचें और उफनती नदियों व जलधाराओं के पास जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।