भारत सरकार ने लद्दाख के 28 भौगोलिक स्थानों का आधिकारिक नामकरण किया है। चीन के विरोध को दरकिनार करते हुए भारत ने लद्दाख को अपना अभिन्न हिस्सा बताया है।
लद्दाख में 28 स्थानों का नया नामकरण: बौखलाए चीन ने जताई आपत्ति, भारत ने दो टूक कहा- ‘लद्दाख हमारा अभिन्न हिस्सा’
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत सरकार ने सीमावर्ती बुनियादी ढांचे और आधिकारिक रिकॉर्ड को सुदृढ़ करते हुए लद्दाख में 28 प्रमुख भौगोलिक स्थानों के नाम आधिकारिक रूप से तय कर दिए हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, लद्दाख प्रशासन के साथ विचार-विमर्श के बाद इन नामों को भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) के आधिकारिक नक्शे में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई गई है।
भारत के इस संप्रभु कदम से बौखलाए चीन ने इस पर आपत्ति जताई है, जिसे नई दिल्ली ने सिरे से खारिज कर दिया है।
भारत की ओर से उठाए गए इस कदम पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
चीन का दावा: चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भारत के इस कदम को “अवैध और अमान्य” करार दिया।
चीन ने पश्चिमी क्षेत्र के कुछ इलाकों पर अपना बेबुनियाद दावा दोहराते हुए कहा कि वह भारत द्वारा बनाए गए केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख को मान्यता नहीं देता।
भारत का कड़ा जवाब: भारत ने चीन के दावों को पूरी तरह नकारते हुए स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्रशासित प्रदेश देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं।
राजनीतिक उद्देश्यों से किए जाने वाले झूठे प्रचार से जमीनी और क्षेत्रीय स्थिति नहीं बदल सकती।
इन स्थानों के नाम आधिकारिक नक्शे में दर्ज करने का मुख्य उद्देश्य इनकी सही पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों में इसके बारे में बेहतर जानकारी उपलब्ध कराना है।
नामों को मानक रूप देने से सरकारी रिकॉर्ड और राष्ट्रीय नक्शों में एकरूपता आएगी।
सरकार द्वारा जारी सूची में पहाड़ों की चोटियां, दर्रे, ग्लेशियर, जमीन के हिस्से, घाटियां और जल निकाय शामिल हैं:
चोटियां और पहाड़: अतीशा गिरि, कनिष्क पीक, करुण पीर, मार्तंड गिरि, द्रक करपो, जोलमोरी, रिनचेन जांगपो, शाक्यश्री गिरि, मारपा लोत्सावा री, मिलारेपा कांगरी, शिव री, जोरावर पीक और महेश्वर री।
दर्रे और ग्लेशियर: चापचिंगल दर्रा, शचमिर्क दर्रा, परपिक ग्लेशियर और स्कामरी ग्लेशियर।
जमीन के हिस्से (Land Parcels): ब्रांगसा लैंड, कुकसेल, देहरा कंपास, गोगरा, कुमारायन पॉइंट, पांगलुंग और शामल लुंगपा।
घाटी और जल निकाय: शकोर्गा घाटी, गुरु रिनपोछे झील, यांगपा नदी और हॉट स्प्रिंग।
| श्रेणी (Category) | प्रमुख स्थानों के नए आधिकारिक नाम (Official Names) |
| ⛰️ चोटियां और पहाड़ | अतीशा गिरि, कनिष्क पीक, करुण पीर, मार्तंड गिरि, शिव री, जोरावर पीक, महेश्वर री, आदि। |
| 🏔️ दर्रे और ग्लेशियर | चापचिंगल दर्रा, शचमिर्क दर्रा, परपिक ग्लेशियर, स्कामरी ग्लेशियर। |
| 🏕️ भू-भाग (Land) | ब्रांगसा लैंड, गोगरा, कुमारायन पॉइंट, देहरा कंपास, पांगलुंग, शामल लुंगपा, कुकसेल। |
| 🌊 घाटी व जल निकाय | शकोर्गा घाटी, गुरु रिनपोछे झील, यांगपा नदी, हॉट स्प्रिंग। |
| 🎯 मुख्य एजेंसी | भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) द्वारा आधिकारिक नक्शे में दर्ज। |
दिल्ली: बिजली सब्सिडी के लिए अब 'आधार' पहचान हुई अनिवार्य, बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट…
भारतीय सेना की बढ़ी ताकत: SDAL ने सौंपी 450 'नागास्त्र-1R' कामिकाजे ड्रोन की सबसे बड़ी…
उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाला पर 1 साल का सख्त बैन: निर्माण से लेकर बिक्री तक…
लखनऊ: अवध बस स्टेशन पर रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम, निजी वाहनों और वेतन कटौती…
यूपीआई (UPI) यूजर्स और दुकानदारों को बड़ी राहत: NPCI ने दिवाली तक टाला MDR शुल्क,…
बरेली: CM योगी का 68 हजार ग्राम प्रहरियों को बड़ा दिवाली गिफ्ट; मानदेय बढ़कर हुआ…