मुर्शिदाबाद के कर्णसुबर्णा और गोविंदपुर स्टेशनों के बीच रेलवे फाटक खुला रहने से एक तेज रफ्तार पैसेंजर ट्रेन ने स्कूल वैन को टक्कर मार दी, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई।
मुर्शिदाबाद में दर्दनाक रेल हादसा: खुला रहा रेलवे फाटक, ट्रेन की चपेट में आई स्कूल वैन; 2 मासूमों समेत 3 की मौत”
मुर्शिदाबाद: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है।
बहरामपुर इलाके में रेलवे क्रॉसिंग का फाटक खुला होने के कारण मासूम बच्चों से भरी एक स्कूल वैन तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गई।
इस भीषण हादसे में दो स्कूली बच्चों और एक साइकिल सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
इस घटना के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और गेटमैन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह करीब सात बजे कर्णसुबर्णा और गोविंदपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर हुई।
जानकारी के मुताबिक, एक स्कूल वैन बच्चों को लेकर रेलवे फाटक पार कर रही थी। वैन में चालक सहित कुल आठ लोग सवार थे।
उसी वक्त निमटिटा-कटवा पैसेंजर ट्रेन (Nimtita-Katwa Passenger) तेज रफ्तार से वहां पहुंची और वैन को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गए। ट्रेन की चपेट में वैन के साथ-साथ वहां से गुजर रहा एक साइकिल सवार भी आ गया।
इस हादसे ने रेलवे की सुरक्षा प्रणाली की पोल खोल दी है। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पूरी तरह से मानवीय भूल और लापरवाही का नतीजा है:
खुला छोड़ दिया गया फाटक: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ‘अप लाइन’ से एक ट्रेन गुजरी थी, जिसके लिए रेलवे फाटक बंद किया गया था।
दूसरी ट्रेन का नहीं रखा ध्यान: उस ट्रेन के निकलते ही गेटमैन ने गेट दोबारा खोल दिया। इसी दौरान स्कूल वैन क्रॉसिंग पार करने लगी, लेकिन विपरीत दिशा से आ रही निमटिटा-कटवा पैसेंजर ट्रेन के लिए फाटक दोबारा बंद ही नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का भारी आक्रोश है कि यदि गेटमैन ने समय रहते रेलवे फाटक बंद कर दिया होता, तो मासूमों की जान बच सकती थी।
धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर दौड़े और चीख-पुकार के बीच घायल बच्चों को वैन के मलबे से बाहर निकाला।
सभी घायलों को तुरंत पास के कर्णसुबर्णा ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया।
जिन बच्चों की हालत अत्यधिक गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत ‘मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल’ रेफर कर दिया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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