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मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सर्वोच्च नेता, मंडराया ‘परमाणु युद्ध’ का खतरा

“ईरान की कमान मोजतबा खामेनेई के हाथ : मिडिल ईस्ट में ‘टोटल वॉर’ की आहट, क्या दबेगा परमाणु बम का बटन ?

तेहरान/रियाद (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट 

ईरान की सत्ता के शिखर पर मोजतबा खामेनेई की ताजपोशी ने दुनिया को एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां से ‘टोटल वॉर’ (पूर्ण युद्ध) की आहट साफ सुनाई देने लगी है।

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद, ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने उनके 56 वर्षीय बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च शासक नामित किया है।

अपने पिता से भी कहीं अधिक कट्टरपंथी माने जाने वाले मोजतबा का यह उदय महज़ एक सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व (Middle East) के लिए एक बजता हुआ ‘परमाणु अलार्म’ है।

परमाणु बम का खतरा: एक ‘आत्मघाती’ कदम की दूरी

विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) के बेहद करीब माने जाने वाले मोजतबा अब वह कदम उठा सकते हैं, जिससे उनके पिता हमेशा हिचकिचाते रहे— ‘यूरेनियम संवर्धन को हथियार बनाने के अंतिम तकनीकी स्तर तक ले जाना।’

हालांकि जून में 12 दिन चले युद्ध के दौरान अमेरिकी बमबारी में ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकाने क्षतिग्रस्त हुए थे, लेकिन देश में अब भी पर्याप्त मात्रा में संवर्धित यूरेनियम मौजूद है।

अगर मोजतबा ने अंतरराष्ट्रीय दबाव को दरकिनार कर बम बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया, तो यह पूरे खाड़ी क्षेत्र को विनाशकारी परमाणु प्रतिस्पर्धा (Arms Race) में झोंक देगा।

सऊदी अरब की खुली चेतावनी: “उठाना पड़ेगा सबसे बड़ा नुकसान”

मोजतबा की ताजपोशी के बीच, सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। सऊदी के बड़े ‘शायबा तेल क्षेत्र’ पर हुए नए ड्रोन हमले के बाद सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा:

“अगर ईरान ने अरब देशों पर बिना किसी ठोस वजह के अपने हमले जारी रखे, तो उसे अब तक का ‘सबसे बड़ा नुकसान’ उठाना पड़ेगा। ईरानी हमलों का मतलब है और अधिक तनाव, जिसका वर्तमान और भविष्य के संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।”

सऊदी अरब ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के उस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले रोक दिए हैं।

वैश्विक प्रतिक्रियाएं: निशाने पर मोजतबा मोजतबा खामेनेई के सत्ता में आते ही वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं:

  • इजराइल की हुंकार: इजराइल ने साफ ऐलान कर दिया है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता (मोजतबा) सीधे तौर पर उसका “निशाना” होगा।

  • अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप) का कड़ा रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सत्ता हस्तांतरण की तीखी आलोचना की है।

  • उन्होंने स्पष्ट कहा, “खामेनेई का बेटा मुझे स्वीकार्य नहीं है। हम चाहते हैं कि कोई ऐसा नेता आए जो ईरान में सामंजस्य और शांति लाए।”

  • कट्टरपंथियों का समर्थन: दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और ईरान समर्थित लेबनानी आतंकी समूह हिजबुल्लाह ने मोजतबा के प्रति अपनी पूरी वफादारी और समर्थन व्यक्त किया है।

वंशवाद का विरोध, लेकिन युद्ध की चाह हावी

ईरान के भीतर मोजतबा के चयन को लेकर कुछ राजनीतिक हस्तियों ने असहमति जताते हुए सर्वोच्च पद को ‘वंशानुगत’ रूप से सौंपने की आलोचना की।

लेकिन, ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ में बैठे उच्च धार्मिक नेता और आईआरजीसी चाहते थे कि मोजतबा ही सत्ता संभालें, ताकि इजराइल और अरब देशों के खिलाफ युद्ध को और आक्रामकता से आगे बढ़ाया जा सके।

Santosh SETH

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