Frontline health worker educating adolescent girls about menstrual health and hygiene practices

मासिक धर्म स्वच्छता: स्वास्थ्य मंत्रालय ने उठाए कई अहम कदम

मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य: किशोरियों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रमुख पहलें”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

देश भर में किशोरियों और महिलाओं के लिए सुरक्षित मासिक धर्म को सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार कई अहम कदम उठा रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में ‘मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन (MHM)’ को लेकर सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और नीतियों की विस्तृत जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि यह एक बहुआयामी विषय है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों के समन्वय से लागू किया जा रहा है।

सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:

  • मासिक धर्म स्वच्छता योजना (MHS): स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा किशोरियों के बीच विशेष रूप से यह योजना चलाई जा रही है।
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  • इसका मुख्य उद्देश्य मासिक धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उच्च गुणवत्ता वाले किफायती सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराना,
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  • पर्यावरण के अनुकूल उनके निपटान (Disposal) की व्यवस्था करना और सुरक्षित प्रक्रियाओं पर उचित परामर्श देना है।
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  • राज्यों को वित्तीय सहायता: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी ‘वार्षिक कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं’ (PIP) के प्रस्तावों के आधार पर मासिक धर्म स्वच्छता योजनाओं के लिए आवश्यक सहायता और फंड प्रदान किया जाता है।
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  • स्कूली छात्राओं के लिए विशेष नीति: स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षित, प्रभावी और सस्ते मासिक धर्म स्वच्छता उपायों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों के समन्वय से एक विशेष ‘मासिक धर्म स्वच्छता नीति’ लागू की जा रही है।
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  • जागरूकता और शिक्षा (IEC अभियान): भ्रांतियों को दूर करने और सही जानकारी पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, सामुदायिक मंचों, आशा (ASHA) जैसी अग्रिम पंक्ति की स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निरंतर जागरूकता और संवेदीकरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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  • सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था: योजनाएं सही से लागू हों, इसके लिए बहुस्तरीय निगरानी ढांचा तैयार किया गया है।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य परिषद (NPCC) की बैठकों में राज्यवार लक्ष्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाती है।
  • इसके अलावा, साझा समीक्षा मिशन (CRM) के जरिए जमीनी स्तर पर प्रगति का स्वतंत्र मूल्यांकन भी किया जाता है।

इन पहलों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य महिलाओं और किशोरियों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और हिचकिचाहट-मुक्त वातावरण तैयार करना है।

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