मंडी मस्जिद विवाद – छोटी काशी संघर्ष समिति ने तीन घंटे शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया

“मंडी में छोटी काशी संघर्ष समिति ने मंगलवार को मस्जिद के पास देवालय स्थान होने का दावा करते हुए तीन घंटे शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अखिल भारतीय संत परिषद हिमाचल, पंजाब एवं हरियाणा के प्रभारी ऊना से यति सत्यदेवानंद सरस्वती भी पहुंचे”

मंडी 20 / 11 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

जेल रोड पर कथित अवैध मस्जिद का मामला टीसीपी कोर्ट में विचाराधीन होने के बाद भी छोटी काशी संघर्ष समिति ने मंगलवार को मस्जिद के पास देवालय स्थान होने का दावा करते हुए तीन घंटे शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। इस दौरान रोष रैली भी निकाली।

पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस बार प्रदर्शन गगन बहल के नेतृत्व और गोपाल कपूर की मौजूदगी में किया गया।प्रदर्शन में अखिल भारतीय संत परिषद हिमाचल, पंजाब एवं हरियाणा के प्रभारी ऊना से यति सत्यदेवानंद सरस्वती भी पहुंचे।

11:45 बजे यति सत्यदेवानंद सरस्वती ने मंच संभाला। उन्होंने गगन बहल और गोपाल कपूर के प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही। जयकारे लगाए और नारेबाजी भी की। बाद में सभी ने सेरी मंच से चौहटा होते हुए रोष रैली निकाली और शांतिपूर्वक दोपहर एक बजे तक प्रदर्शन किया।

इससे पहले यति सत्यदेवानंद सरस्वती ने सरकार और प्रशासन पर भी विशेष समुदाय के लोगों को शह देने का आरोप जड़ा। उन्होंने एक प्रशासनिक अधिकारी पर भी भेदभाव का आरोप लगाया।

सामाजिक कार्यकर्ता कमल गौतम ने कहा कि अवैध ढांचे मंडी ही नहीं, पूरे हिमाचल में हैं। प्रदेश सरकार ने हिमाचल की नाक कटवा दी। गंभीर विषयों को छोड़कर समोसे की जांच हो रही है।

मंडी मस्जिद विवाद : 2023 में नगर निगम के पास आई थी अवैध निर्माण की पहली शिकायत
  • जून 2024 में निगम अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण कर पाया कि मस्जिद में अवैध और बिना सूचना के दोमंजिला भवन का निर्माण कर दिया गया है। निगम ने काम तत्काल बंद करने का नोटिस जारी किया।
  • जुलाई 2024 में पुनः निगम ने भवन को एचपीटीसीपी नियमों के तहत लाने के लिए आदेश दिए।
  • 13 सितंबर को नगर निगम मंडी के आयुक्त कोर्ट ने मस्जिद में अवैध निर्माण को 30 दिन के भीतर पुरानी स्थिति में लौटाने का निर्देश दिया। तब शहरवासियों ने बड़े स्तर पर प्रर्दशन किया था।
  • अक्तूबर में मुस्लिम वेलफेयर कमेटी ने मामले में स्टे के लिए टीसीपी कोर्ट में मामला दायर किया। मौजूदा समय में मामला विचाराधीन है।