“लीबिया के लिए एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। तुर्किये की राजधानी अंकारा से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद लीबियाई सैन्य प्रतिनिधिमंडल को ले जा रहा एक प्राइवेट जेट तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया”
अंकारा/त्रिपोली 24 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
इस हादसे में लीबिया के मिलिट्री चीफ जनरल मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद समेत विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में 5 उच्च अधिकारी और 3 क्रू मेंबर्स शामिल हैं।
लीबिया के ये शीर्ष अधिकारी तुर्किये के साथ सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से अंकारा में थे। जनरल अल-हद्दाद ने अपनी मृत्यु से कुछ ही समय पहले तुर्किये के रक्षा मंत्री यासर गुलेर के साथ हाई-लेवल मीटिंग की थी।
लीबिया की सेना को आधुनिक बनाने और दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की चर्चा के बाद यह दल वापस घर लौट रहा था।
तुर्किये के गृह मंत्री अली येरलिकाया और नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने हादसे की जो जानकारी दी है, वह रोंगटे खड़े करने वाली है:
रात 8:30 बजे: फाल्कन 50 बिजनेस जेट ने अंकारा के एसेनबोगा एयरपोर्ट से उड़ान भरी।
रात 9:10 बजे: पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान में ‘इलेक्ट्रिकल फॉल्ट’ की सूचना दी और तत्काल इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
अंतिम क्षण: विमान को वापस एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, लेकिन ऊंचाई कम करते समय ही उसका संपर्क रडार से टूट गया।
मलबे की बरामदगी: विमान का मलबा अंकारा से लगभग 70 किलोमीटर दूर हयमाना जिले के केसिक्कावाक गांव के पास मिला।
लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल-हामिद दबीबा ने राष्ट्र के नाम संबोधन में इस घटना की पुष्टि की और इसे लीबिया के लिए एक बड़ी क्षति बताया। हादसे में शहीद हुए प्रमुख चेहरे:
जनरल मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद: पश्चिमी लीबिया के टॉप कमांडर और मिलिट्री चीफ, जिन्होंने गृहयुद्ध से जूझ रहे लीबिया की सेना को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई थी।
जनरल अल-फितौरी घ्रैबिल: लीबिया की ग्राउंड फोर्सेज (थल सेना) के प्रमुख।
ब्रिगेडियर जनरल महमूद अल-कतावी: सैन्य उत्पादन प्राधिकरण (Military Manufacturing) के प्रमुख।
मोहम्मद अल-असावी दियाब: चीफ ऑफ स्टाफ के वरिष्ठ सलाहकार।
मोहम्मद उमर अहमद महजूब: सैन्य फोटोग्राफर।
2011 में मोअम्मर गद्दाफी के पतन के बाद से लीबिया आंतरिक संघर्षों से जूझ रहा है। जनरल अल-हद्दाद न केवल एक सैनिक थे, बल्कि वह संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले उन प्रयासों का नेतृत्व कर रहे थे, जिसका लक्ष्य देश की विभाजित सेना को एक पेशेवर और संगठित बल में बदलना था।
उनके निधन से लीबिया के सैन्य एकीकरण की प्रक्रिया को गहरा झटका लग सकता है।
तुर्किये के राष्ट्रपति कार्यालय ने इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। तुर्किये के विशेषज्ञों की एक टीम दुर्घटनास्थल पर पहुँच गई है ताकि ‘इलेक्ट्रिकल फॉल्ट’ और क्रैश के सटीक कारणों की जांच की जा सके।
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