DELHI/NCR

वायरल: खाने के बिल में जुड़ा ‘LPG चार्ज’, ग्राहकों में गुस्सा

एलपीजी संकट की मार अब ग्राहकों पर… रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों के बिल में जुड़ने लगा ‘LPG चार्ज’… 70 रुपये के खाने पर वसूले जा रहे 15 रुपये… सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे बिल… पढ़ें ‘The Politics Again’ की पूरी रिपोर्ट…


एलपीजी संकट का ‘साइड इफेक्ट’: रेस्टोरेंट और ढाबों ने खाने के बिल में जोड़ना शुरू किया ‘LPG चार्ज’, सोशल मीडिया पर भड़के लोग

नई दिल्ली | यूटिलिटी और ट्रेंडिंग डेस्क, श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट, The Politics Again

देशभर में जारी एलपीजी संकट (LPG Crisis) का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। गैस सिलिंडरों की किल्लत के बीच अब एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

कई रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों ने अपने मेन्यू और बिल में खाने के कुल मूल्य के साथ अलग से ‘एलपीजी चार्ज’ (LPG Charge) जोड़ना शुरू कर दिया है। इस अतिरिक्त वसूली के कारण ग्राहकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

70 रुपये के खाने पर 15 रुपये का ‘LPG चार्ज’ माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई रेस्टोरेंट बिलों की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।

  • एक वायरल तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि ग्राहक के 70 रुपये के खाने के बिल पर 15 रुपये का अतिरिक्त ‘एलपीजी चार्ज’ लगाया गया है।

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई जगहों पर होटल संचालक खाने के कुल बिल का 10 से 15 प्रतिशत तक हिस्सा सिर्फ ‘गैस चार्ज’ के नाम पर वसूल रहे हैं।

क्यों हो रही है यह अतिरिक्त वसूली?

होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का तर्क है कि हाल के समय में कॉमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं।

किल्लत के चलते उन्हें ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से भारी कीमत चुकाकर गैस सिलिंडर खरीदने पड़ रहे हैं।

गैस की बढ़ी हुई कीमतों और ब्लैक मार्केटिंग के कारण उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ा है। इसी खर्च को संतुलित करने के लिए प्रतिष्ठान अब यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ सीधे ग्राहकों की जेब पर डाल रहे हैं।

उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश

सोशल मीडिया पर इन बिलों को शेयर करते हुए लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि महंगाई के इस दौर में पहले से ही बाहर खाना काफी महंगा हो चुका है।

ऐसे में खाने के बिल पर सर्विस टैक्स और जीएसटी के साथ-साथ अब ‘एलपीजी चार्ज’ का जुड़ना सरासर अन्याय है।

लोग प्रशासन से इस तरह की मनमानी और अवैध वसूली पर तुरंत लगाम लगाने की मांग कर रहे हैं।

Santosh SETH

Recent Posts

गृह मंत्रालय : शहजाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित

गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई: 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित, अमित…

16 hours ago

PMAY-U 2.0: 1.25 करोड़ घर स्वीकृत, महिलाओं के नाम हुए 1 करोड़ मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U): 1.25 करोड़ घरों की स्वीकृति, 'PMAY-U 2.0' से समावेशी विकास और…

1 day ago

होम्योपैथी मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार

NHRIMH कोट्टायम: होम्योपैथी मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार, वित्त समिति ने…

1 day ago

कैबिनेट का बड़ा फैसला : EPFO वेतन सीमा बढ़कर हुई ₹25,000

EPFO में बड़ा बदलाव: वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर हुई ₹25,000, 51 लाख नए कर्मचारियों…

1 day ago

लोलार्क छठ: वाराणसी के प्राचीन कुंड में संतान प्राप्ति के लिए उमड़ी आस्था

लोलार्क छठ 2026: संतान प्राप्ति के लिए प्राचीन लोलार्क कुंड में आस्था की डुबकी, 10…

1 day ago

मेरठ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर, 6 व्यावसायिक भवन ध्वस्त

मेरठ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर, 44 सील…

1 day ago