Breaking News

जानिये ! 2025 में शुरू हुए विश्वस्तरीय नए युद्धो और उनके प्रभाव के बारे में

“जहां एक ओर दुनिया रूस-यूक्रेन और इजरायल-हमास जैसे पुराने संघर्षों से जूझ रही थी, वहीं साल 2025 तीन नए और विनाशकारी युद्धों का गवाह बना।

नई दिल्ली 25 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

इन संघर्षों ने न केवल हजारों लोगों की बलि ली, बल्कि दुनिया को परमाणु युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया”अमेरिकी मध्यस्थता और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के कारण फिलहाल युद्धविराम तो है, लेकिन शांति की नींव अब भी डगमगा रही है।


1. ईरान-इजरायल ’12-दिवसीय युद्ध’: परमाणु ठिकानों पर विनाशकारी प्रहार

जून 2025 में मध्य-पूर्व (Middle East) में इतिहास की सबसे बड़ी हवाई जंग छिड़ी। जिसे ‘ट्वेल्व-डे वॉर’ कहा गया।

  • युद्ध की चिंगारी: हमास और हिजबुल्ला के शीर्ष नेताओं की हत्या के जवाब में ईरान द्वारा इजरायल पर 180 मिसाइलें दागने के बाद इजरायल ने अपना धैर्य खो दिया।

  • ऑपरेशन राइजिंग लायन: इजरायल के 200 लड़ाकू विमानों ने ईरान के नतांज और इस्फाहान जैसे परमाणु ठिकानों को तहस-नहस कर दिया। इस जंग में अमेरिका ने भी एंट्री ली और 1980 के बाद पहली बार B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स से ईरान पर हमला किया।

  • नतीजा: 1200 से अधिक मौतें हुईं। डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से 24 जून को युद्ध विराम हुआ, जिससे ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई साल पीछे चला गया।

2. भारत-पाकिस्तान संघर्ष: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पाकिस्तान का सरेंडर

मई 2025 में दक्षिण एशिया का सियासी पारा तब चढ़ गया जब पहलगाम में 26 हिंदू पर्यटकों की आतंकी हमले में हत्या कर दी गई।

  • भारत का जवाब: भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया। 7 मई को POK और पाकिस्तान के भीतर आतंकी कैंपों पर ब्रह्मोस मिसाइलों से हमला किया गया।

  • घुटनों पर पाकिस्तान: जब पाकिस्तान ने जवाबी ड्रोन हमले की कोशिश की, तो भारत ने उसके 11 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पाकिस्तान के DGMO को फोन कर ‘बख्श देने’ की अपील करनी पड़ी।

  • नतीजा: 10 मई को युद्ध विराम हुआ। भारत ने दुनिया को संदेश दिया कि आतंकवाद का अंत अब सीधे सैन्य सैन्य ठिकानों के विनाश से होगा।

3. कंबोडिया-थाईलैंड युद्ध: सीमा विवाद और विस्थापन का संकट

जुलाई 2025 में शुरू हुआ यह संघर्ष ऐतिहासिक सीमा विवाद के कारण भड़का, जिसने साल के अंत तक भीषण रूप ले लिया।

  • जुलाई से दिसंबर तक तनाव: 23 जुलाई को एक लैंडमाइन विस्फोट ने चिंगारी का काम किया। थाईलैंड की एयरस्ट्राइक और कंबोडिया के रॉकेट हमलों ने सीमावर्ती इलाकों को श्मशान बना दिया।

  • मानवीय संकट: दिसंबर में दोबारा भड़की जंग में फाइटर जेट्स और टैंकों का इस्तेमाल हुआ। इस युद्ध के कारण 2,00,000 से अधिक लोग बेघर हो गए।

  • नतीजा: ASEAN और अमेरिका के दबाव में संघर्ष रुका जरूर है, लेकिन कंबोडिया और थाईलैंड के बीच विवाद अभी भी एक ‘टाइम बम’ की तरह टिक-टिक कर रहा है।

विनाशकारी आंकड़े: एक नजर में

युद्ध अवधि मुख्य कारण हताहत (अनुमानित)
ईरान-इजरायल 12 दिन (जून) परमाणु और क्षेत्रीय वर्चस्व 1200+ मौतें
भारत-पाकिस्तान 18 दिन (मई) पहलगाम आतंकी हमला 100+ आतंकी, 50+ सैनिक
थाईलैंड-कंबोडिया जुलाई और दिसंबर ऐतिहासिक सीमा विवाद 130+ मौतें, 2 लाख विस्थापित

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 के इन युद्धों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों को बुरी तरह प्रभावित किया है। हालांकि वर्तमान में सभी मोर्चों पर शांति है, लेकिन ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा और भारत-पाक सीमा पर पनपता अविश्वास कभी भी दोबारा आग भड़का सकता है।

2025 ने साबित कर दिया है कि अब युद्ध केवल सरहदों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये साइबर और परमाणु तबाही के करीब पहुंच चुके हैं।

2025 युद्ध का आर्थिक और सैन्य विश्लेषण: $150 के पार पहुंचा कच्चा तेल, रक्षा तकनीक में ‘AI और लेजर’ का दबदबा

आर्थिक डेस्क: साल 2025 में हुए तीन नए युद्धों (ईरान-इजरायल, भारत-पाक और थाईलैंड-कंबोडिया) ने केवल सरहदों को ही नहीं बदला, बल्कि वैश्विक बाजार और भविष्य के युद्ध कौशल (Warfare) की परिभाषा को भी बदल दिया है। इन संघर्षों का सबसे गहरा असर दुनिया की जेब और सैन्य गोदामों पर पड़ा है।

1. वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल संकट (Energy Crisis)

ईरान और इजरायल के बीच हुए ’12-दिवसीय युद्ध’ ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया।

  • तेल की कीमतों में उछाल: जून 2025 में जब ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ब्लॉक करने की धमकी दी, तो कच्चे तेल की कीमतें $85 से सीधे $155 प्रति बैरल पर पहुंच गईं।

  • महंगाई की मार: तेल महंगा होने से अमेरिका, यूरोप और भारत जैसे देशों में परिवहन लागत 30% तक बढ़ गई, जिससे खाद्य सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई।

  • शेयर बाजार का क्रैश: युद्ध के दौरान वैश्विक शेयर बाजारों से मात्र 10 दिनों के भीतर 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति स्वाहा हो गई।

2. रक्षा तकनीक में बड़े बदलाव (Defense Technology)

2025 के इन युद्धों ने पारंपरिक हथियारों के बजाय ‘स्मार्ट और साइलेंट’ हथियारों की अहमियत साबित कर दी:

  • AI और स्वायत्त ड्रोन (Autonomous Drones): भारत-पाकिस्तान संघर्ष में भारत ने ‘AI-पावर्ड स्वार्म ड्रोन्स’ का इस्तेमाल किया, जिन्होंने पाकिस्तानी एयर डिफेंस को चकमा देकर आतंकी कैंपों को तबाह किया।

  • लेजर डिफेंस सिस्टम (Iron Beam): इजरायल ने ईरान की 500 से अधिक मिसाइलों को रोकने के लिए अपने नए लेजर-बेस्ड ‘आयरन बीम’ सिस्टम का सफल परीक्षण किया। इसने प्रति मिसाइल इंटरसेप्ट करने की लागत को हजारों डॉलर से घटाकर मात्र $2 कर दिया।

  • हाइपरसोनिक मिसाइलें: भारत ने पहली बार ‘ब्रह्मोस-II’ (हाइपरसोनिक संस्करण) का सीमित उपयोग किया, जिसे ट्रैक करना पाकिस्तान के लिए नामुमकिन साबित हुआ।

3. नया वैश्विक रक्षा बजट (Global Defense Spend)

इन संघर्षों के बाद दुनिया भर के देशों ने अपने रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की है:

  • यूरोप और एशिया: जर्मनी, जापान और भारत ने अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 3% से अधिक रक्षा पर खर्च करने का निर्णय लिया है।

  • परमाणु सुरक्षा: ईरान पर हुए हमले के बाद कई देशों ने अपने ‘एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ को अपग्रेड करने के लिए अरबों डॉलर के नए सौदे किए हैं।

क्षेत्र युद्ध से पहले स्थिति युद्ध के दौरान/बाद प्रभाव
कच्चा तेल (Crude Oil) $80-90 $150+ वैश्विक महंगाई
डॉलर बनाम रुपया ₹83 ₹89 भारतीय आयात महंगा हुआ
सोना (Gold) ₹70,000/10g ₹95,000/10g सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव

सॉफ़्ट पावर’ से ‘हार्ड पावर’ की ओर

2025 के इन युद्धों ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में वही देश सुरक्षित है जिसके पास न केवल मजबूत अर्थव्यवस्था है, बल्कि स्वायत्त रक्षा तकनीक (Indigenous Defense Tech) भी है। कूटनीति अब केवल बातचीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें ‘आर्थिक प्रतिबंधों’ और ‘साइबर हमलों’ का बोलबाला बढ़ गया है।

Santosh SETH

Recent Posts

पश्चिम बंगाल : सरकार बनाने के लिए कितनी सीटों की जरूरत है? यहां जान लीजिए बहुमत का आंकड़ा

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम आज: 293 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू, जानिए बहुमत का…

29 minutes ago

5 राज्यों के चुनाव नतीजे आज : वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू

5 राज्यों के चुनाव नतीजे आज: बंगाल से तमिलनाडु तक सत्ता की चाबी किसके हाथ?…

40 minutes ago

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: कांग्रेस का विरोध बनाम भारत की रणनीतिक जरूरत

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: कांग्रेस बता रही 'विनाश', रक्षा विशेषज्ञ बोले- चीन के चक्रव्यूह का अचूक…

1 hour ago

विवेक विहार अग्निकांड : ग्रिल और छत के ताले से 9 मौतें

विवेक विहार अग्निकांड: मौत का जाल बनी इमारत, लोहे की ग्रिल और छत के ताले…

1 hour ago

5 राज्यों के एग्जिट पोल: बंगाल-तमिलनाडु में कांटे की टक्कर

5 राज्यों के एग्जिट पोल: बंगाल और तमिलनाडु में चौंकाने वाले आंकड़े, असम-पुडुचेरी में NDA…

1 hour ago

जौनपुर/करंजाकला : 7 मई से शुरू होगा डिजिटल स्वगणना अभियान

जौनपुर: जनसहभागिता से ही सफल होगा स्वगणना अभियान, 7 से 21 मई तक चलेगा विशेष…

15 hours ago