यूपी के आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार की बड़ी सौगात। 2 सितंबर 2026 से लागू होंगी वेतन की नई दरें, हर महीने मिलेंगे 39 हजार तक। (ग्राफिक्स: द पॉलिटिक्स अगेन)
यूपी के आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात: वेतन की नई दरें तय, अब हर महीने मिलेंगे 39 हजार रुपये तक; जानें इन-हैंड सैलरी”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे आउटसोर्स (Outsource) कर्मचारियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है।
राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक की नई दरें तय कर दी हैं। नए शासनादेश के मुताबिक, अब कर्मचारियों को उनकी श्रेणी के अनुसार 17,646 रुपये से लेकर 39,000 रुपये तक मासिक पारिश्रमिक मिलेगा।
प्रमुख सचिव मनीष चौहान ने सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है, और ये नई दरें 2 सितंबर 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी मानी जाएंगी।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आउटसोर्स कर्मचारियों के कुल निर्धारित पारिश्रमिक से ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) की कटौती की जाएगी, जिसके बाद उनके बैंक खातों में निम्नलिखित ‘इन-हैंड सैलरी’ आएगी:
श्रेणी-4: 17,646 रुपये (निर्धारित) ➔ 15,396 रुपये (इन-हैंड)
श्रेणी-3: 19,446 रुपये (निर्धारित) ➔ 16,966 रुपये (इन-हैंड)
श्रेणी-2: 21,947 रुपये (निर्धारित) ➔ 19,148 रुपये (इन-हैंड)
श्रेणी-1: इस श्रेणी के कर्मचारियों का पारिश्रमिक सीधे 39,000 रुपये तय किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ के मद में 12 प्रतिशत और ईएसआई के मद में 0.75 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
वहीं, नियोक्ता (संबंधित सरकारी विभाग) अपनी ओर से ईपीएफ का 12 प्रतिशत और ईएसआई का 3.25 प्रतिशत अंशदान वहन करेगा।
यह पूरी राशि कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा होगी, जो भविष्य में उनके काम आएगी।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि जीएसटी (GST), सर्विस चार्ज और ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ का एक प्रतिशत सेंटेज चार्ज भी संबंधित सरकारी विभागों को ही देना होगा। इसके लिए विभागों को अपने बजट में अलग से व्यवस्था करनी होगी।
इसके अतिरिक्त, जिन विभागों ने जेम पोर्टल (GeM Portal) के माध्यम से इन नई दरों से कम पारिश्रमिक पर कर्मचारी रखे हुए हैं, उन्हें कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के लिए ‘पुनर्विनियोग’ (Re-appropriation) के जरिये अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी भी कर्मचारी का आर्थिक नुकसान न हो।
| कर्मचारी श्रेणी (Category) | निर्धारित पारिश्रमिक (Total Pay) | इन-हैंड सैलरी (After EPF/ESI Deduction) |
| श्रेणी-1 (Category 1) | ₹ 39,000 | ₹ 39,000 (तय दर) |
| श्रेणी-2 (Category 2) | ₹ 21,947 | ₹ 19,148 |
| श्रेणी-3 (Category 3) | ₹ 19,446 | ₹ 16,966 |
| श्रेणी-4 (Category 4) | ₹ 17,646 | ₹ 15,396 |
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