जौनपुर: अवैध पोल्ट्री फार्म के खिलाफ ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
जौनपुर: अवैध पोल्ट्री फार्म की बदबू से जीना मुहाल, कलेक्ट्रेट पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
जनपद के विशुनपुर मझवारा और सुरहरपुर गांव में चल रहे एक अवैध पोल्ट्री फार्म के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।
गुरुवार दोपहर 12 बजे दो दर्जन से अधिक आक्रोशित ग्रामीणों ने जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को एक शिकायती पत्र सौंपते हुए इस अवैध फार्म को तत्काल बंद कराने या आबादी से दूर शिफ्ट कराने की गुहार लगाई है।
नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि गांव में राजेश सिंह नामक व्यक्ति द्वारा नियमों को ताक पर रखकर यह पोल्ट्री फार्म संचालित किया जा रहा है।
सरकारी मानकों के अनुसार, किसी भी पोल्ट्री फार्म की दूरी घनी आबादी से कम से कम 500 मीटर होनी चाहिए।
लेकिन यह अवैध फार्म गांव की आबादी से मात्र 50 मीटर की दूरी पर चल रहा है, जो सीधे तौर पर जन-स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
बदबू और बीमारियों का बढ़ा खतरा
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि पोल्ट्री फार्म से इतनी भयंकर बदबू आती है कि लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है।
फार्म की गंदगी के कारण पूरे इलाके में मच्छरों और मक्खियों का भारी प्रकोप फैल गया है। इस दूषित वातावरण के चलते गांव में मलेरिया, डेंगू, डायरिया और सांस संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर
ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस प्रदूषित माहौल का सबसे बुरा असर गांव के छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
कई लोग आए दिन बीमार पड़ रहे हैं। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए
जनहित को ध्यान में रखते हुए इस अवैध पोल्ट्री फार्म को सीज किया जाए या फिर इसे गांव की आबादी से दूर कहीं और शिफ्ट किया जाए।
अवैध पोल्ट्री फार्म विवाद: एक नजर में
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| प्रदर्शन का स्थान व समय | जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर (गुरुवार, दोपहर 12 बजे) |
| प्रभावित गांव | विशुनपुर मझवारा और सुरहरपुर (जौनपुर) |
| फार्म संचालक का नाम | राजेश सिंह |
| नियमों का खुला उल्लंघन | 500 मीटर की बजाय आबादी से मात्र 50 मीटर की दूरी पर संचालन |
| प्रमुख समस्याएं | भयंकर बदबू, मक्खी-मच्छरों का प्रकोप |
| स्वास्थ्य का खतरा | मलेरिया, डेंगू, डायरिया और सांस की बीमारियां |
| ग्रामीणों की मांग | फार्म को तत्काल बंद किया जाए या आबादी से दूर शिफ्ट किया जाए |











