JAUNPUR

जौनपुर : यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा; पहले दिन शांतिपूर्ण रहा एग्जाम

यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा-2025: पहले दिन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ एग्जाम, भीषण गर्मी में DM की मानवीय पहल—परीक्षार्थियों को बांटा गुड़-पानी

जौनपुर/जनपद: द पॉलिटिक्स अगेन : सुनील कुमार की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा-2025 के पहले दिन की लिखित परीक्षा शनिवार को जनपद के विभिन्न केंद्रों पर सकुशल, पारदर्शी और पूरी तरह से नकलविहीन व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।

प्रशासन की मुस्तैदी के चलते परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। इस दौरान भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) ने एक अनूठी और संवेदनशील पहल करते हुए परीक्षार्थियों तथा उनके अभिभावकों के लिए गुड़ और ठंडे पानी की व्यवस्था कराई।

परीक्षा का सांख्यिकीय विवरण (शिफ्ट-वार उपस्थिति)

पहले दिन की परीक्षा दो पालियों (शिफ्ट) में आयोजित की गई, जिसमें हजारों परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया:

  • प्रथम पाली (सुबह की शिफ्ट): पंजीकृत 8400 परीक्षार्थियों में से 6434 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि अन्य ने परीक्षा छोड़ दी।

  • द्वितीय पाली (शाम की शिफ्ट): इस पाली में भी 8400 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 6414 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

DM ने खुद संभाला मोर्चा, केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी पूरे दिन भ्रमणशील रहे। उन्होंने जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर वहां सुरक्षा, पेयजल, और बैठने की मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

टीडी कॉलेज और बयालसी इंटर कॉलेज में दिखी DM की संवेदनशीलता

इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परीक्षार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे।

  • निरीक्षण के दौरान जब जिलाधिकारी बयालसी इंटर कॉलेज और टीडी (TD) कॉलेज पहुंचे, तो उन्होंने परीक्षार्थियों और उनके साथ दूर-दराज से आए अभिभावकों के लिए ‘गुड़ और पानी’ की विशेष व्यवस्था कराई।

  • जिलाधिकारी ने स्वयं अपने हाथों से अभ्यर्थियों के बीच गुड़ एवं पानी का वितरण किया।

पहल का उद्देश्य और प्रभाव

प्रशासन की इस मानवीय पहल का मुख्य उद्देश्य चिलचिलाती धूप में सफर कर रहे परीक्षार्थियों को लू (Heatstroke) से बचाना और परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल में उन्हें तत्काल ऊर्जा (ग्लूकोज) व राहत प्रदान करना था।

जिलाधिकारी की इस तत्परता और संवेदनशीलता की परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने जमकर सराहना की।

इस व्यवस्था से न केवल लोगों को शारीरिक राहत मिली, बल्कि इससे यह भी परिलक्षित हुआ कि जिला प्रशासन आम जनमानस और युवाओं के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है।

Santosh SETH

Recent Posts

उपचुनाव: नंदीग्राम में भाजपा ने किया खेला? ममता की उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को ममता बनर्जी के साथ बड़ा खेला…

7 hours ago

अमेरिका को झटका: रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों वाले प्रस्ताव पर किया वीटो

UNSC में ईरान को लेकर अमेरिका बनाम रूस-चीन टकराव: वीटो से गिरा अमेरिकी प्रस्ताव, परमाणु…

13 hours ago

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: TMC के नाम और ‘फूल-घास’ चिह्न पर रोक

TMC में बड़ी बगावत का असर: चुनाव आयोग ने 'फूल और घास' चुनाव चिह्न और…

13 hours ago

दिल्ली: स्वरूप नगर गैंगरेप-मर्डर केस का खुलासा, परिचित ने ही ली जान

दिल्ली: स्वरूप नगर में ब्लाइंड गैंगरेप-मर्डर केस का 72 घंटे में खुलासा, परिचित ने ही…

13 hours ago

गृह मंत्रालय : शहजाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित

गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई: 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित, अमित…

2 days ago

PMAY-U 2.0: 1.25 करोड़ घर स्वीकृत, महिलाओं के नाम हुए 1 करोड़ मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U): 1.25 करोड़ घरों की स्वीकृति, 'PMAY-U 2.0' से समावेशी विकास और…

2 days ago