जौनपुर : डायट परिसर में ‘नवाचार महोत्सव’ का भव्य आयोजन
डायट जौनपुर में ‘नवाचार महोत्सव’ का शानदार आयोजन: शिक्षकों ने पेश किए शिक्षा को रोचक बनाने वाले अभिनव प्रयोग, सांसद सीमा द्विवेदी ने बढ़ाया हौसला”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
शिक्षा को सरल, रुचिकर और बाल-केंद्रित बनाने की दिशा में मंगलवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET – डायट), जौनपुर में ‘नवाचार महोत्सव’ (Innovation Festival) का उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजन किया गया।
इस विशेष महोत्सव में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ डायट के प्रवक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अपने अभिनव प्रयोगों और नवाचारों (Innovations) का शानदार प्रदर्शन किया।
‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में डायट जौनपुर का चयन गौरव की बात: सीमा द्विवेदी
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए राज्यसभा सांसद श्रीमती सीमा द्विवेदी ने शिक्षकों के प्रयासों की जमकर सराहना की।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत सरकार ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए शिक्षा में अभूतपूर्व निवेश कर रही है।
केंद्र सरकार की इसी सकारात्मक सोच का परिणाम है कि डायट जौनपुर को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के अंतर्गत चयनित किया गया है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने अतिथियों व प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए नवाचार के वास्तविक अर्थ पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, “नवाचार का मतलब केवल कोई नई वस्तु बनाना नहीं है, बल्कि पुरानी समस्याओं का नया समाधान खोजना, सीमित संसाधनों में अधिक प्रभाव उत्पन्न करना और प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा को सरल बनाने की नई सोच ही असली नवाचार है।”
निर्णायक मंडल ने परखी नवाचारों की उपयोगिता
महोत्सव में प्रस्तुत किए गए नवाचारों के मूल्यांकन के लिए एक विशेषज्ञ निर्णायक मंडल का गठन किया गया था।
इसमें राजा श्रीकृष्ण दत्त महाविद्यालय के बी.एड. विभाग की अध्यक्षा डॉ. सुनीता गुप्ता और राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय (सिंगरामऊ) के बी.एड. विभाग के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. योगेश शर्मा शामिल रहे।
‘नई सोच से नई राह बने, हर बच्चे का उज्ज्वल भविष्य बने’
कार्यक्रम का सफल संचालन डायट जौनपुर के प्रवक्ता धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के अभिनव प्रयासों को एक साझा मंच प्रदान करना और इन प्रभावी नवाचारों को जिले के अंतिम विद्यालय तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का नवाचार तभी सार्थक है, जब उसका सीधा लाभ बच्चों के सीखने की प्रक्रिया और उनके भविष्य निर्माण में दिखाई दे।
महोत्सव का समापन “नई सोच से नई राह बने, हर बच्चे का उज्ज्वल भविष्य बने” के प्रेरक संदेश और सभी अतिथियों, निर्णायक मंडल व प्रतिभागियों के प्रति आभार ज्ञापन के साथ हुआ।











