जौनपुर के जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने नगर निकायों की समीक्षा बैठक की। विकास कार्यों में लापरवाही पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जौनपुर: DM सैमुअल पॉल एन. के तेवर सख्त, नगर पालिका के कार्यों पर जताई नाराजगी; लापरवाह ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट
शहर के विकास कार्यों, साफ-सफाई और जनसुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में स्थानीय नगर निकायों की एक अहम समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में डीएम के तेवर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने शहर की बदहाल व्यवस्था और धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी है।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और अन्य विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से नगर पालिका परिषद जौनपुर के कार्यों की प्रगति पर घोर असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि नगर क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और जलभराव (Waterlogging) की समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
“विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यों में अनियमितता या मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।”
इसके साथ ही, डीएम ने निर्देश दिया कि जहां भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां अनिवार्य रूप से एक ‘सूचना बोर्ड’ लगाया जाए। इस बोर्ड पर:
कार्य का नाम
स्वीकृत लागत
कार्यदायी संस्था का नाम
कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए, ताकि आम जनता को इसकी जानकारी मिल सके।
शहर में कई विकास परियोजनाओं के बेवजह लटकने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन ठेकेदारों द्वारा आवंटित कार्यों में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है,
उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट (Blacklist) करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
पैदल चलने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों (EOs) को शहर में एक विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
सार्वजनिक मार्गों और फुटपाथों को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
दुकानों के बाहर लगाए गए स्थायी बोर्ड, होर्डिंग और अन्य अवरोधक, जो आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डीएम के इन कड़े निर्देशों के बाद नगर पालिका और कार्यदायी संस्थाओं में हड़कंप मच गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन की इस सख्ती के बाद जौनपुर शहर की व्यवस्थाओं में जल्द ही बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
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