जौनपुर / बरसठी – युवक की हत्या के बाद ग्रामीणों ने लगाया जाम, किया पथराव

“रविवार युवक का अपहरण कर हत्या करने के मामले में अब तक हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से नाराज मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आज गुस्सा फूट पड़ा। जिसके बाद गुरुवार सुबह मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया”

जौनपुर / बरसठी 10 / 10 / 2024 मंगेश प्रजापति की रिपोर्ट 

जब मजिस्ट्रेट और पुलिस की टीम ग्रामीणों को समझाने पहुंची तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांज कर ग्रामीणों को खदेड़ा।

बता दें कि जौनपुर के बरसठी थाना क्षेत्र के जमुनीपुर (मंगरमु) गांव निवासी विवेक यादव (27) की आपसी विवाद के चलते दबंगों ने अपहरण करके हत्या कर दी थी।

परिजनों के मुताबिक, आरोपियों ने विवेक यादव का जमुनीपुर गेट के पास अपहरण कर लिया। इसके बाद बुरी तरह मारा पीटा। बीते मंगलवार विवेक की लाश भदोही के सुरियांवा थाना क्षेत्र के बीरमपुर ठकुराइन के तारा के पास पाई गई।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। घटना में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों बीते बुधवार थाना का घेराव किया था।

गुरुवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने गांव की मुख्य सड़क को जाम कर दिया और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मी समझाने पहुंचे तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को उल्टे पांव लौटना पड़ा।

इसके बाद एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने खुद मौके पर पहुंचकर कमान संभाली। लाठी चार्ज कर ग्रामीणों को खदेड़ा गया। एसपी ने बताया कि बीते दिनों क्षेत्र के युवक विवेक यादव का यादव लोगों से ही विवाद हुआ था।

विवेक यादव की डेड बॉडी दूसरे जनपद में पाई गई थी। मामला दर्ज कर लिया गया है। पांच से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात कर दी गई है।

अपहरण के दौरान विवेक के साथ मौजूद रहे उसके दोस्त और घटना के चश्मदीद गवाह मोहन यादव ने बताया कि पड़ोसी गांव गहली कठरवा के राजू यादव की फास्टफूड की दुकान निगोह बाजार में स्थित है।

उसी से तीन माह पहले मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। रविवार देर शाम लगभग 08:00 बजे विवेक और उसका दोस्त जमुनीपुर गेट के बगल खड़े होकर सिगरेट लेने के लिए रुके उस समय उस गुमटी में सिगरेट न होने के कारण मोहन बगल की दुकान से लाने चला गया। त

भी बल्ली विवेक के पास आ गया और अपने उधार का 180 रुपये पैसा मांगने लगा तो विवेक ने कहा मैंने खाने के लिए आर्डर नही दिया था। इसी बात को लेकर दोनो में गाली गलौज शुरू हो गया।

तभी बल्ली ने अपने गांव के लड़को को फोन कर मौके पर बुला लिया और विवेक को मारने पीटने लगे और उसे अपनी मोटरसाइकल पर बैठा लिया।

मोहन ने विवेक को बचाने के लिए गाड़ी की चाभी निकाली तो उसे भी बदमाशो ने मारा पीटा। मोहन जान बचा कर बगल के हरिजन बस्ती में भाग निकला।

हल्ला होते ही वहा की महिलाए निकली तब तक वो लोग विवेक को लेकर जा चुके थे। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने विवेक के अपहरण के संबंध में तहरीर दी थी। अगर पुलिस ने सही समय पर कार्रवाई की होती तो आज विवेक जिंदा होता।