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दिल्ली में ISI के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 9 अरेस्ट

“दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का बड़ा ऑपरेशन : ISI और अंडरवर्ल्ड के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहलाने की एक बहुत बड़ी और नापाक साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और मुंबई अंडरवर्ल्ड (Mumbai Underworld) से जुड़े एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।

लंबे समय से चल रही जांच और सटीक खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए इस समन्वित अभियान (Coordinated Operation) में पुलिस ने 9 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।

निशाने पर थे देश के अहम प्रतिष्ठान (Key Targets)

शुरुआती जांच और पुलिस पूछताछ में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। यह आतंकी मॉड्यूल सीमा पार बैठे अपने आकाओं के इशारे पर भारत में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की साजिश रच रहा था। गिरफ्तार आतंकियों के निशाने पर मुख्य रूप से निम्नलिखित ठिकाने थे:

  • न्यूक्लियर और पावर प्लांट: देश के महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र (Nuclear Plants) और बिजली घर (Power Grids)।

  • परिवहन केंद्र: भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट।

  • सुरक्षा प्रतिष्ठान: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित सुरक्षा बलों के अहम ठिकाने और सैन्य कैंप।

  • सार्वजनिक स्थान: दिल्ली के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक इलाके, ताकि ज्यादा से ज्यादा जान-माल का नुकसान किया जा सके।

ISI और अंडरवर्ल्ड का खतरनाक गठजोड़

स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, यह मॉड्यूल सीधे तौर पर पाकिस्तान की ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड के सिंडिकेट द्वारा संचालित किया जा रहा था।

आतंकियों को फंड, हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट विदेश में बैठे इनके हैंडलर्स द्वारा मुहैया कराया जा रहा था।

इस गठजोड़ का मुख्य उद्देश्य भारत की शांति भंग करना और आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देना था।

आगे की जांच: स्लीपर सेल और फंडिंग की तलाश

फिलहाल स्पेशल सेल की टीमें गिरफ्तार किए गए सभी 9 आरोपियों से किसी गुप्त स्थान पर कड़ी पूछताछ कर रही हैं। पुलिस जांच के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • हथियारों का स्रोत: बरामद किए गए विस्फोटकों और हथियारों की सप्लाई चेन का पता लगाना।

  • फंडिंग नेटवर्क (Terror Funding): इस मॉड्यूल को संचालित करने के लिए हवाला या अन्य किन रास्तों से पैसा आ रहा था।

  • स्लीपर सेल की पहचान: देश के अन्य हिस्सों में छिपे इनके स्थानीय सहयोगियों और पूरे नेटवर्क को खंगालना।

  • सीमा पार कनेक्शन: विदेश में बैठे उन आकाओं की पहचान करना जो इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड हैं।

सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद आने वाले दिनों में देश के कई अन्य राज्यों में भी छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।

Santosh SETH

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