US Iran Peace Talks: इस्लामाबाद वार्ता में ईरान का कड़ा विरोध, सीटों पर रखे 168 मृत बच्चों के खून से सने बैग
इस्लामाबाद शांति वार्ता में ईरान का ‘रुला देने वाला’ विरोध: विमान की खाली सीटों पर रखी 168 मृत बच्चों की तस्वीरें और खून से सने स्कूल बैग
इस्लामाबाद/नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 40 दिनों से चल रहे भीषण युद्ध के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बेहद अहम शांति वार्ता शुरू हुई है।
लेकिन इस वार्ता से ठीक पहले ईरान ने जिस कड़े और भावुक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
अमेरिका के साथ इस उच्च-स्तरीय शांति वार्ता में हिस्सा लेने के लिए ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ एक खास विमान से इस्लामाबाद पहुंचे। इस प्रतिनिधिमंडल को “मिनाब 168” (Minab 168) नाम दिया गया है।
विमान की सीटों पर शहीद बच्चों की तस्वीरें और जूते
ईरान ने इजरायल और अमेरिका को ‘बच्चों के हत्यारे’ के रूप में पेश करने के लिए एक बेहद दर्दनाक और प्रतीकात्मक तरीका अपनाया।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल जिस विमान से इस्लामाबाद आ रहा था, उसकी खाली सीटों पर तेहरान के मिनाब में हुए हमले में मारे गए 168 स्कूली बच्चों की तस्वीरें, उनके खून से सने स्कूल बैग, जूते और सफेद फूल सजाए गए थे।
शांति वार्ता शुरू होने से ठीक पहले स्पीकर गालिबाफ ने विमान के अंदर की यह हृदयविदारक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर साझा की। इस तस्वीर के वायरल होते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मच गया।
‘मेरे इस उड़ान के साथी: #Minab168’
गालिबाफ ने ‘एक्स’ पर भावुक पोस्ट लिखते हुए कैप्शन दिया, “मेरे इस उड़ान के साथी” (#Minab168)। यह पोस्ट 28 फरवरी को ईरान के मिनाब में ‘शजारेह तैयेबा प्राथमिक स्कूल’ पर किए गए उस विनाशकारी हमले की याद दिलाती है, जिसमें कम से कम 165-168 मासूम स्कूली बच्चों और स्टाफ की दर्दनाक मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
ईरान इस भयानक नरसंहार के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराता है। गालिबाफ का यह कदम स्पष्ट संदेश है कि शांति वार्ता की मेज पर इन मासूम शहीदों के खून को भुलाया नहीं जा सकता।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत और ईरान की ‘कड़ी शर्तें’
40 दिन के युद्ध के बाद यह अमेरिका और ईरान के बीच पहली बड़ी बैठक है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) कर रहे हैं, जो इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।
हालांकि, यह शांति वार्ता आसान नहीं होने वाली है। लेबनान की सीमा पर इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लगातार गोलीबारी जारी है।
इसी बीच, ईरान ने बातचीत की मेज पर बैठने से पहले अपनी कड़ी शर्तें रख दी हैं। गालिबाफ ने स्पष्ट किया है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब इजरायल लेबनान में तुरंत सीजफायर (युद्धविराम) लागू करे और ईरान की ब्लॉक की गई अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों को रिहा किया जाए।
परिसीमन पर भड़का दक्षिण: CM स्टालिन ने जलाई बिल की कॉपी, फहराया काला झंडा; बोले-…
महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में महासंग्राम: बिल पेश करने के पक्ष में 251…
परिसीमन पर महासंग्राम: लोकसभा की सीटें 850 करने की तैयारी, सरकार ने दूर की दक्षिण…
प्रयागराज में बड़ा रेल हादसा: पटरी पर खड़े 5 यात्रियों को पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने रौंदा,…
कर्नाटक दौरा: पीएम मोदी ने मांड्या में किया 'श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर' का भव्य उद्घाटन,…
लखीमपुर खीरी में भड़की भारी हिंसा: अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर उग्र हुई भीड़, पुलिस पर…