India Croatia relations news
“भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से ठीक पहले विदेश में भारत विरोधी ताकतों ने एक बार फिर सिर उठाया है”
ज़ाग्रेब/नई दिल्ली | The Politics Again . संतोष सेठ की रिपोर्ट। दिनांक: 22 जनवरी, 2026 (गुरुवार)
क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब (Zagreb) स्थित भारतीय दूतावास में गुरुवार को घुसपैठ और तोड़फोड़ की गंभीर घटना सामने आई है।
खबरों के मुताबिक, इस हमले के पीछे खालिस्तानी समर्थकों का हाथ बताया जा रहा है। भारत सरकार ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और क्रोएशियाई सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना की निंदा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देते हुए कहा:
जायसवाल ने यह भी कहा कि ऐसे हमले हमलावरों के “चरित्र और इरादों” को उजागर करते हैं, और दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इसका कूटनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है:
गणतंत्र दिवस: 26 जनवरी को भारत अपना गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है, जिसे बाधित करने के लिए खालिस्तानी समूह अक्सर विदेशों में प्रदर्शन करते हैं।
ईयू-भारत शिखर सम्मेलन: कुछ ही दिनों में यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेता नई दिल्ली पहुंचने वाले हैं। वे ईयू-भारत शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर भी हो सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तोड़फोड़ का मकसद भारत और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते संबंधों में खटास पैदा करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करना है।
यह हमला उन मजबूत रिश्तों पर चोट है, जिसकी नींव पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।
ऐतिहासिक दौरा: पीएम मोदी क्रोएशिया का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे। उनका स्वागत वहां के पीएम आंद्रेज प्लेनकोविच ने किया था।
समझौते: उस दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एनएसए अजीत डोवाल भी मौजूद थे। दोनों देशों के बीच कृषि, संस्कृति, विज्ञान और इंडोलॉजी (Indology) के अध्ययन को लेकर अहम समझौते हुए थे।
तीन गुना गति: दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को तीन गुना गति देने का संकल्प लिया था।
लंदन, सैन फ्रांसिस्को और कनाडा के बाद अब क्रोएशिया में भारतीय दूतावास को निशाना बनाना एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करता है।
यह स्पष्ट है कि भारत की बढ़ती वैश्विक साख से बौखलाए अलगाववादी तत्व अब उन देशों में भी पैर पसार रहे हैं जहाँ पहले उनकी मौजूदगी न के बराबर थी।
क्रोएशिया सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए न हो।
जौनपुर: जनसहभागिता से ही सफल होगा स्वगणना अभियान, 7 से 21 मई तक चलेगा विशेष…
हिमाचल बस हादसा: चलती बस के ड्राइवर को आया हार्ट अटैक, सड़क पर पलटी बस,…
जौनपुर: खेतासराय में दूल्हे के हत्यारों को पनाह देने वाले 8 सहयोगी गिरफ्तार, मुख्य आरोपियों…
जौनपुर में आम आदमी पार्टी का हल्ला बोल: स्मार्ट मीटर के विरोध में सड़कों पर…
दिल्ली के विवेक विहार में दर्दनाक अग्निकांड: 4 मंजिला इमारत में आग लगने से 9…
5 राज्यों के चुनाव नतीजों के साथ ही राष्ट्रीय राजनीति में बड़े उलटफेर की आहट:…