चक्रवाती तूफान दाना के 24-25 अक्टूबर, 2024 को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों से टकराने की आशंका है, जिसे देखते हुए इसलिए भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) क्षेत्र (उत्तर-पूर्व) ने समुद्र में जान-माल की सुरक्षा के लिए कई एहतियाती उपाय किए हैं।
आईसीजी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और चक्रवात से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।
आईसीजी ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जहाजों, विमानों और रिमोट ऑपरेटिंग स्टेशनों को मछुआरों और नाविकों को मौसम की नियमित चेतावनी और सुरक्षा सलाह प्रसारित करने का काम सौंपा है।
ये अलर्ट मछली पकड़ने वाले सभी जहाजों को लगातार भेजे जा रहे हैं और उनसे तुरंत किनारे पर लौटने तथा सुरक्षित आश्रय लेने का आग्रह किया जा रहा है।
आईसीजी ने अपने जहाजों और विमानों को समुद्र में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया है।
इसके अतिरिक्त, आईसीजी के कर्मचारी त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
तटीय क्षेत्र के मछुआरा समुदायों को विभिन्न चैनलों, जिसमें गांव के प्रधान भी शामिल हैं, के माध्यम से सूचित किया गया है कि वे चक्रवात के गुजरने तक समुद्र में न जाएं। आईसीजी हाई अलर्ट पर है, इसकी प्रतिबद्ध आपदा राहत टीमें सहायता, बचाव और राहत अभियान के लिए तैयार हैं।
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