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AI सुपरपावर बनने की राह पर भारत: 2 साल से कम वक्त में इंडियाएआई मिशन ने बदली तस्वीर, 38 हजार GPU और 12 स्वदेशी मॉडल्स तैयार

“आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ में भारत ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है”

नई दिल्ली: THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मार्च 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत शुरू किए गए ‘इंडियाएआई मिशन’ (IndiaAI Mission) ने 24 महीने से भी कम समय में देश में एक मजबूत एआई पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की नींव रख दी है।

सरकार द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, ₹10,372 करोड़ के बजट वाले इस मिशन ने न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया है, बल्कि ‘भारत के अपने एआई’ (Indigenous AI) के सपने को भी साकार करना शुरू कर दिया है।

38,000 जीपीयू: स्टार्टअप्स को मिली सुपरकंप्यूटिंग की ताकत

एआई के विकास में सबसे बड़ी बाधा ‘कंप्यूटिंग पावर’ की होती है। इंडियाएआई मिशन ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने की पहल की है:

  • उपलब्धि: 38,000 से अधिक जीपीयू (GPUs) का नेटवर्क तैयार किया गया है।

  • फायदा: ये संसाधन भारतीय स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों को बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे बिना भारी निवेश के विश्व स्तरीय एआई मॉडल बना सकें।

‘मेड इन इंडिया’ एआई मॉडल्स: 12 टीमें चयनित

भारत अब विदेशी एआई मॉडल्स (जैसे ChatGPT या Gemini) पर निर्भर नहीं रहना चाहता। ‘इंडियाएआई इनोवेशन सेंटर’ के तहत देश के अपने ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स’ (LLMs) विकसित करने के लिए 12 प्रमुख टीमों का चयन किया गया है।

  • प्रमुख नाम: इनमें सर्वम् एआई (Sarvam AI), सोकेट एआई, ज्ञानी एआई, आईआईटी बॉम्बे कंसोर्टियम (भारतजॅन), फ्रैक्टल एनालिटिक्स और टेक महिंद्रा मेकर्स लैब शामिल हैं।

  • उद्देश्य: ये मॉडल भारतीय भाषाओं, संस्कृति और डेटा सेट पर आधारित होंगे, जो जेनेरेटिव एआई में भारत की संप्रभुता सुनिश्चित करेंगे।

सुरक्षा और प्रतिभा विकास पर जोर

सरकार केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्किलिंग पर भी काम कर रही है:

  • टैलेंट पूल: 8,000 स्नातक, 5,000 पोस्ट-ग्रेजुएट और 500 पीएचडी छात्रों को एआई में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

  • सेफ एआई: डीपफेक (Deepfake) और एल्गोरिद्मिक पूर्वाग्रह (Bias) से निपटने के लिए ‘सेफ एंड ट्रस्टेड एआई’ स्तंभ के तहत 13 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

  • साथ ही, CERT-In ने साइबर सुरक्षा और एआई के सुरक्षित उपयोग के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

Santosh SETH

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