रेलवे में अवैध वेंडिंग पर रोक: QR कोड अनिवार्य
भारतीय रेलवे का बड़ा कदम : अवैध वेंडिंग रोकने के लिए QR कोड वाले ID कार्ड और FSSAI प्रमाणन अनिवार्य
नई दिल्ली | संतोष सेठ की रिपोर्ट, The Politics Again
भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में अनधिकृत रूप से सामान बेचने वालों (अवैध वेंडिंग) पर नकेल कसने और यात्रियों को स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाया है।
अब रेलवे में खानपान सेवा देने वाले प्रत्येक वेंडर के लिए क्यूआर (QR) कोड-सक्षम पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह विस्तृत जानकारी साझा की।
अवैध वेंडिंग पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
रेलवे परिसर और ट्रेनों में बिना अनुमति के सामान बेचना या फेरी लगाना रेल अधिनियम, 1989 की धारा 144 के तहत एक दंडनीय अपराध है।
रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेनों में अनधिकृत विक्रेताओं के प्रवेश को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और नामित अधिकारियों द्वारा नियमित औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष अभियान चलाकर अवैध वेंडरों पर सख्ती की जा रही है।
QR कोड बताएगा वेंडर और खाने की पूरी कुंडली
ट्रेनों में अधिकृत विक्रेताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए अब एक पारदर्शी प्रणाली लागू की गई है। खानपान सेवा में तैनात प्रत्येक विक्रेता और कर्मचारी को क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र दिया जा रहा है।
इस कोड को स्कैन करते ही कर्मचारी का नाम, आधार नंबर, पुलिस वेरिफिकेशन का विवरण और मेडिकल फिटनेस की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।
इसके अलावा, खाने के पैकेटों पर भी डिजिटल रूप से ट्रेस करने योग्य क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं।
इससे यात्री यह जान सकेंगे कि उनका खाना किस रसोई (बेस किचन) में बना है और उसके निर्माण की तारीख व समय क्या है।
गुणवत्ता और स्वच्छता के लिए आधुनिक उपाय
रेलवे ने खाने की गुणवत्ता (Quality), स्वच्छता (Hygiene) और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए कई कड़े मानक तय किए हैं:
FSSAI प्रमाणन और थर्ड-पार्टी ऑडिट: प्रत्येक खानपान इकाई के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, पैंट्री कार और बेस किचन का नियमित थर्ड-पार्टी ऑडिट और ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण किया जा रहा है।
बेस किचन में CCTV कैमरे: खाना अब निर्धारित और आधुनिक बेस किचन से ही सप्लाई होगा। खाना बनाने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए इन बेस किचन में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
ब्रांडेड सामग्री का इस्तेमाल: खाना पकाने के लिए केवल उच्च गुणवत्ता वाले और ब्रांडेड तेल, आटा, चावल, मसाले और डेयरी उत्पादों का ही उपयोग किया जाएगा।
सुपरवाइजरों की तैनाती: मुख्य रसोईघरों में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक और ट्रेनों में IRCTC के पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे जो भोजन के नियमित सैंपल लेकर उसकी जांच करेंगे।
कर्मचारियों की ट्रेनिंग: IRCTC द्वारा खानपान कर्मचारियों को नियमित रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें साफ-सफाई, व्यक्तिगत साज-सज्जा और यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रेलवे का यह कदम लाखों दैनिक यात्रियों के स्वास्थ्य और सफर के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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