सोलन – बद्दी को नगर निगम बनाया तो सड़कों पर होगा प्रदर्शन : भाजपा
“बद्दी नगर परिषद के पार्षदों, पूर्व पार्षदों सहित ग्रामीणों और भाजपा नेताओं ने सरकार को चेताया है कि बिना किसी चर्चा और क्षेत्र के लोगों की अनुमति के बिना नगर निगम थोपा जाता है तो लोग सड़कों पर उतर कर इसका जोरदार विरोध करेंगे। इतना ही नहीं नगर निगम के विरोध में क्षेत्र के लोग हाईकोर्ट जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे”
बद्दी 22 / 10 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष मान सिंह मेहता, पूर्व राज्य कार्यकारिणी सदस्य भाजपा कैप्टन डीआर चंदेल, जिला सचिव भाजपा गुरमेल चौधरी व जिला महामंत्री संजीव ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि क्षेत्र के लोग अभी ग्रामीण माहौल में ही रहना चाहते हैं।
राज्य सरकार उद्यमियों व बिल्डरों को लाभ देने के मकसद से क्षेत्र को निगम बनाना चाहती है, जिससे क्षेत्र के आम लोगों की परेशानियां चार गुना बढ़ जाएंगी। ऐसा बद्दी क्षेत्र में बिल्कुल होने नहीं दिया जाएगा।
भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी निगम बनाने का प्रयास किया गया था और उस समय मौजूदा विधायक ने इसका जमकर विरोध किया था और अब उनकी सरकार में ऐसा होने जा रहा है। ऐसा षडयंत्र बद्दी क्षेत्र में नहीं चलेगा।
लोगों के विरोध के बाद भाजपा सरकार ने इस फैसले को वापस ले लिया था और बद्दी को नगर परिषद ही रखा था, लेकिन अब कांग्रेस सरकार बिना नगर परिषद के पार्षदों से चर्चा किए ही इसे निगम बनाने के प्रयास में लगी है। ऐसा हुआ तो समस्त क्षेत्र के लोग धरना व रोष प्रदर्शन करेंगे।
भाजपा दून मंडल के अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि नगर परिषद में 2011 के बाद जनगणना नहीं हुई है, लेकिन नगर परिषद के नौ वार्डों में रहने वाले लोगों की संख्या निगम के लिए पर्याप्त है।
सरकार अगर चाहती है तो वह मौजूदा नगर परिषद क्षेत्र को ही निगम में विलय कर सकती है, लेकिन पंचायत क्षेत्रों के लोग निगम के विरोध में हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को बद्दी नालागढ़ क्षेत्र को विलय कर निगम बनाने का प्रस्ताव गलत है।
भाजपा कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य कैप्टन डीआर चंदेल ने कहा कि मौजूदा विधायक व सरकार को चाहिए कि वह लोगों की आशाओं का सम्मान करे।
लोगों ने उन्हें चुनकर इसलिए भेजा है कि वह लोगों की समस्याओं को कम करें, न कि मौजूदा सरकार क्षेत्र के लोगों की परेशानियां बढ़ाने का काम करे।
जनता निगम में मर्ज नहीं होना चाहती है और राज्य सरकार व मौजूदा विधायक इस विषय को लेकर लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाने में विफल साबित हो रहे हैं।











