मानसून सत्र में भारी हंगामा: राम मंदिर और E20 पेट्रोल पर रार
संसद के मानसून सत्र में हंगामा जारी: राम मंदिर और E20 पेट्रोल पर रार, लोकसभा 2 बजे तक स्थगित”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध बुधवार को भी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है।
दोनों सदनों में विपक्षी दल लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। अयोध्या के राम मंदिर में कथित ‘चढ़ावा’ चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश कर रहा है।
लगातार हो रहे शोर-शराबे और नारेबाजी के चलते बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और इसे दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष की प्रमुख मांगें और सदन में दिए गए नोटिस
विपक्षी दल लगातार गृह मंत्री अमित शाह से राम मंदिर और छात्रों के मुद्दे पर सदन में आधिकारिक बयान देने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही आज सदन में विपक्ष की ओर से कई अहम नोटिस भी दिए गए:
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E-20 पेट्रोल पर ‘आप’ का नोटिस: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सदन में नियम 267 के तहत एक नोटिस दिया है।
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उन्होंने देश में E-20 पेट्रोल को अनिवार्य रूप से लागू करने से पैदा हुए जन-आक्रोश, वाहनों के खराब होने और उपभोक्ता अधिकारों के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की है।
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नए ‘दल-बदल विरोधी कानून’ की मांग: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में ‘स्थगन प्रस्ताव’ का नोटिस दिया है।
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वे एक ऐसे नए और सख्त ‘दल-बदल विरोधी कानून’ (Anti-Defection Law) के स्वरूप पर चर्चा चाहते हैं जो अवसरवाद के कारण होने वाले राजनीतिक दल-बदल को रोक सके, खासकर तब जब नेताओं के बीच कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद न हो।
हंगामे के बीच पारित हुए कई अहम विधेयक
इससे पहले मंगलवार को भी दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई थी।
हालांकि, इस भारी शोर-शराबे के बीच भी सरकार अपने विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने में सफल रही:
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लोकसभा: भारी हंगामे के बीच लोकसभा ने ‘विनियोग (संख्यांक-3) विधेयक, 2026’ को बिना किसी चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया।
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राज्यसभा: उच्च सदन ने एक संक्षिप्त चर्चा के बाद ‘जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी।
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हालांकि, विपक्ष के लगातार विरोध के चलते राज्यसभा की कार्यवाही को दो बार रोकना पड़ा और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।











